भारतीय किसान यूनियन टिकैत के द्वारा दिए गए ज्ञापन को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन देते मेरठ विकास प्राधिकरण के वी सी संजय कुमार मीणा।
मेरठ। सोमवार, 28 सितंबर 2026 को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ भारी बारिश के बीच कमिश्नरी परिसर में एकत्र हुए। किसानों ने गन्ना मूल्य, गन्ना भुगतान पर ब्याज, मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) से संबंधित सर्वे और शहर की कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद किसान कमिश्नरी से पैदल मार्च करते हुए एमडीए कार्यालय पहुंचे।
एमडीए वीसी ने सड़क पर पहुंचकर किसानों से की वार्ता
किसानों के एमडीए पहुंचने की सूचना पर एमडीए के उपाध्यक्ष संजय मीणा किसानों से वार्ता करने के लिए सड़क पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि किसी भी आमजन का अहित नहीं होने दिया जाएगा। भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी और किसानों ने सड़क पर पहुंचकर वार्ता करने के लिए एमडीए वीसी का धन्यवाद किया। किसानों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वीसी शासन स्तर पर भी उनकी बात रखेंगे और आमजन को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान भाकियू की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के गन्ना मूल्य भुगतान पर ब्याज से संबंधित आदेशों को लागू कराने तथा किसानों को बकाया गन्ना ब्याज का भुगतान कराने की मांग की गई। इसके अलावा आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग भी रखी गई।
एमडीए सर्वे का निष्पक्ष पुनः सर्वे कराने की मांग
भाकियू ने मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किए गए सर्वे का निष्पक्ष पुनः सर्वे कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि इससे निर्दोष आमजन को संभावित नुकसान और विस्थापन से बचाया जा सकेगा। किसानों ने यह भी मांग रखी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जांच आयोग जब मेरठ में सर्वे या जांच के लिए पहुंचे तो किसान एवं नागरिक प्रतिनिधिमंडल से उसकी आधिकारिक मुलाकात सुनिश्चित कराई जाए, ताकि प्रभावित नागरिकों का पक्ष भी नियमानुसार रखा जा सके।
कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने की मांग
भाकियू ने शहर और देहात की कच्ची कॉलोनियों को दिल्ली की तर्ज पर नियमित करने तथा वहां बुनियादी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि वर्षों से आबाद क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत देने के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि नागरिकों और प्रभावित लोगों के साथ पारदर्शी जनसंवाद किए बिना किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई जल्दबाजी में न की जाए।
सरकार से मजबूत विधिक पैरवी की मांग
भाकियू ने मुख्यमंत्री से मेरठ शहर और यहां के नागरिकों के मकानों को बचाने के लिए शासन स्तर से न्यायालय में प्रभावी एवं मजबूत विधिक पैरवी सुनिश्चित कराने की मांग की। साथ ही एमडीए उपाध्यक्ष से संगठन के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ तत्काल औपचारिक वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने तथा लोगों में व्याप्त भय और असमंजस को दूर करने की मांग की गई।
सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ आरटीओ की ओर कूच
एमडीए में वार्ता के बाद भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में किसान सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ शहर के बीच से होते हुए आरटीओ कार्यालय की ओर रवाना हुए। किसानों के आरटीओ परिसर में पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां परिसर में खड़ी कर दी गईं। इससे आरटीओ परिसर किसानों और उनके वाहनों से भर गया।
आरटीओ परिसर में भंडारा और पंचायत
आरटीओ परिसर में किसानों ने भट्ठी चढ़ाकर पुलाव-रायते का भंडारा भी चलाया। इसके बाद मेजर चिंदौड़ी की अध्यक्षता में किसानों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत का संचालन हर्ष चाहल ने किया। इस दौरान किसानों ने परिवहन विभाग से जुड़ी अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।
एआरटीओ अधिकारियों ने किसानों को दिया आश्वासन
पंचायत के दौरान एआरटीओ परिवर्तन विकास यादव और एआरटीओ सुधांशु रंजन भी किसानों के बीच मौजूद रहे। किसानों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। दोनों अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी बात शासन और संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। किसानों के अनुसार, अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि तब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अनुराग चौधरी बोले- जनहित के मुद्दों पर जारी रहेगा संघर्ष
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि एमडीए हो या परिवहन विभाग, किसानों और आम नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन आमजन के हितों के लिए संघर्ष करता रहेगा और किसी भी व्यक्ति का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
अनुराग चौधरी ने कहा कि मेरठ विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, लेकिन उनके अनुसार एमडीए की कार्रवाई से शहर के कई आबाद क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने जिले की कच्ची कॉलोनियों को दिल्ली की तर्ज पर नियमित करने और बसे-बसाए महानगर को राहत देने के लिए नियमों में संशोधन की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक उत्तर प्रदेश सरकार जनहित में अधिनियम और नियमावली में आवश्यक संशोधन नहीं करती, तब तक मेरठ में किसी गरीब के मकान को तोड़ने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
आवास विकास परिषद के नियमों पर भी उठाए सवाल
भाकियू जिलाध्यक्ष ने आवास विकास परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से आबाद कॉलोनियों और बाजारों में लोग अपने घर और प्रतिष्ठान बनाकर रह रहे हैं तथा अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन बाद में पुराने नियमों के आधार पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने परिषद के सेटबैक नियमों में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि समय के साथ नियमों में संशोधन किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
किसानों की प्रमुख मांगों में गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करना भी शामिल रहा। अनुराग चौधरी ने कहा कि किसानों की कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने खाद, यूरिया और डीजल समेत कृषि से जुड़े विभिन्न खर्चों में वृद्धि का हवाला देते हुए कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने गन्ना भुगतान पर ब्याज से संबंधित न्यायालय के आदेशों को लागू कराने और किसानों को बकाया ब्याज दिलाने की मांग भी दोहराई।
प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद
प्रदर्शन और पंचायत के दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के अलावा विनोद, विनेश, हर्ष चहल, मेजर सुरेंद्र, वीरपाल, देशपाल, मोनू, सनी, बबलू, सुनील, नरेश, महेंद्र, रामफल शर्मा, सुशील पटेल, ओंकार भदौड़ा सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।