जेल से बाहर आते ही आजम खान को ईडी ने हिरासत में लिया
दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से जमानत के बाद रामपुर जेल से हुई रिहाई; जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ईडी की कार्रवाई
रामपुर । समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम शनिवार, 31 अक्टूबर को करीब 11 महीने बाद रामपुर जिला जेल से बाहर आए। हालांकि, आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया और अपने साथ ले गई। अब्दुल्ला आजम जेल से रिहा होकर घर रवाना हो गए। ईडी की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और आजम खान के बीच कुछ देर बहस होने की भी खबर है।
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। 29 अक्टूबर को अदालत ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत दे दी थी। इसके बाद शनिवार को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर रामपुर जेल से उनकी रिहाई के आदेश जारी हुए। जेल से बाहर आते ही ईडी की टीम ने आजम खान को अपने साथ ले लिया, जबकि अब्दुल्ला आजम घर चले गए।
जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में कार्रवाई
ईडी की कार्रवाई जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में 14 अक्टूबर को रामपुर के अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच एजेंसी को ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के निर्माण तथा धन के स्रोत और इस्तेमाल को लेकर अनियमितता का संदेह है। ये आरोप जांच के दायरे में हैं; इन्हें अदालत में सिद्ध होना बाकी है।
आजम खान की रिहाई की सूचना मिलने के बाद ईडी की टीम जेल परिसर पहुंची थी। उनकी रिहाई से पहले जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे। जेल के बाहर आजम खान के समर्थकों की बड़ी भीड़ जुटी थी। कई समर्थकों ने उनकी रिहाई को खुशी का मौका बताया, जबकि ईडी की कार्रवाई के बाद मौके पर नारेबाजी और गहमागहमी का माहौल बन गया।
विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम
उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आजम खान की जेल से रिहाई को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में उनसे मुलाकात की थी। हालांकि, रिहाई के तुरंत बाद ईडी की कार्रवाई के चलते आजम खान जेल से बाहर आने के बावजूद स्वतंत्र रूप से घर नहीं जा सके।
रिपोर्टों के अनुसार, आजम खान को पहली बार फरवरी 2020 में जेल भेजा गया था। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया, लेकिन अलग-अलग मामलों में उन्हें फिर जेल जाना पड़ा। नवंबर 2025 में तीसरी बार जेल भेजे जाने के बाद 31 अक्टूबर 2026 को दो पैन कार्ड मामले में सजा निलंबित होने पर उनकी रिहाई हुई। इसके तुरंत बाद ईडी की हिरासत में जाने से उनके मामले में नया कानूनी घटनाक्रम शुरू हो गया।