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27 सितंबर की रात IBA और UFBU की बैठक के बाद लिया गया फैसला, 28, 29 और 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल और आंदोलन स्थगित
मेरठ । बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित बैंक हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच 27 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे हुई बैठक के बाद हड़ताल और प्रस्तावित आंदोलन को टालने पर सहमति बनी।
UFBU की ओर से जारी सर्कुलर नंबर 2026/31 में बताया गया है कि बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच आगे बातचीत और समाधान की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके बाद UFBU ने प्रस्तावित आंदोलनात्मक कार्यक्रमों और हड़ताल को स्थगित करने का फैसला किया।
शनिवार की छुट्टियों के मुद्दे पर बनेगी उच्चस्तरीय समिति
UFBU और IBA के बीच बनी सहमति के अनुसार बैंकों में बचे हुए शनिवारों को अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर तत्काल एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति इस विषय पर सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी और संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर ऐसा समाधान तलाशने का प्रयास करेगी, जो सभी हितधारकों और विशेष रूप से बैंक ग्राहकों के लिए स्वीकार्य हो। इस मुद्दे को बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की ओर से लंबे समय से उठाया जाता रहा है। अब IBA और UFBU की संयुक्त समिति के माध्यम से इस पर आगे बातचीत होगी।
Scale IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के PLI स्कीम पर भी होगी चर्चा
बैठक में Scale IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू Performance Linked Incentive (PLI) Scheme को लेकर भी चर्चा हुई। UFBU के अनुसार इस योजना को लेकर यूनियनों और अधिकारियों के संगठनों की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। IBA के साथ इस विषय पर आगे चर्चा कर योजना में आवश्यक संशोधनों के प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी है।

लंबित मुद्दों पर भी होगी जल्द बातचीत
इसके अलावा 8 मार्च 2024 की बैठक के मिनट्स में दर्ज किए गए लंबित मुद्दों (residual issues) पर भी IBA और UFBU के बीच बातचीत होगी। दोनों पक्ष इन मुद्दों के जल्द समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे। UFBU के अनुसार इन्हीं सहमतियों के आधार पर प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल को फिलहाल स्थगित किया गया है।
इंडस्ट्रियल रिलेशनशिप कोड को लेकर भी चर्चा
हड़ताल के स्थगित होने के संबंध में बैंकिंग यूनियन से जुड़े पक्षों की ओर से यह भी कहा गया है कि Industrial Relations Code, 2020 की धारा 62 के तहत प्रस्तावित हड़ताल को लेकर कानूनी स्थिति पर सवाल उठ रहे थे। केंद्रीय श्रम आयुक्त (CLC) की बैठक की नोटिंग में भी इस संबंध में चर्चा होने का दावा किया गया है। यूनियन पक्ष की ओर से यह आशंका जताई गई थी कि यदि हड़ताल को अवैध घोषित किया जाता है तो संबंधित यूनियनों के एफिलिएशन और उससे जुड़े कुछ विशेषाधिकारों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इस कानूनी पहलू को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी आदेशों और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। उपलब्ध UFBU सर्कुलर में हड़ताल स्थगित करने का औपचारिक कारण IBA और UFBU के बीच बनी उपरोक्त सहमतियों को बताया गया है।
मेरठ के बैंक ग्राहकों को बड़ी राहत
हड़ताल स्थगित होने से मेरठ के हजारों बैंक ग्राहकों को राहत मिली है। पहले 28, 29 और 30 सितंबर को बैंक हड़ताल की संभावना के चलते ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं को लेकर असमंजस था। अब UFBU के ताजा निर्णय के बाद इन तारीखों पर प्रस्तावित हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों के कामकाज पर व्यापक असर पड़ने की संभावना फिलहाल टल गई है। मेरठ जिले में 530 से अधिक सक्रिय बैंक शाखाएं संचालित होने की जानकारी है। इनमें सरकारी क्षेत्र के बैंकों की संख्या सबसे अधिक है। करीब 350 से अधिक शाखाएं सरकारी बैंकों की बताई गई हैं। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक प्रमुख हैं।

मेरठ में निजी बैंकों की 120 से अधिक शाखाएं
मेरठ में निजी क्षेत्र के बैंकों की संख्या 120 से अधिक बताई गई है। HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक और IDFC फर्स्ट बैंक सहित कई निजी बैंकों की शाखाएं गढ़ रोड, मवाना रोड, शास्त्री नगर, दिल्ली रोड सहित शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में संचालित हैं। इसके अलावा प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे ग्रामीण एवं स्मॉल फाइनेंस बैंक भी जिले के बैंकिंग नेटवर्क का हिस्सा हैं। इनकी करीब 60 से अधिक शाखाएं होने की जानकारी दी गई है।
पहले 40 प्रतिशत सरकारी शाखाओं को खुले रखने की थी तैयारी
हड़ताल की स्थिति को देखते हुए पहले मेरठ में सरकारी बैंकों की करीब 40 प्रतिशत शाखाओं को खुले रखने की वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उत्तर प्रदेश बैंक वर्कर्स नेशन के महामंत्री अनुज त्यागी ने बताया था कि ग्राहकों को आवश्यक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कुछ शाखाओं में कामकाज जारी रखने की तैयारी की गई थी। इसके साथ ही प्रशासनिक कार्यालयों में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों को भी शाखाओं में तैनात करने की तैयारी की गई थी, ताकि हड़ताल की स्थिति में उपलब्ध शाखाओं में ग्राहकों के लेनदेन और आवश्यक कार्यों को संचालित किया जा सके।
अब 28 से 30 सितंबर को बैंक ग्राहकों को क्या करना होगा?
UFBU की ओर से हड़ताल स्थगित किए जाने के बाद फिलहाल 28, 29 और 30 सितंबर की प्रस्तावित बैंक हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों में कामकाज बंद रहने की स्थिति टल गई है। हालांकि किसी विशेष बैंक या शाखा की स्थानीय व्यवस्था अलग हो सकती है, इसलिए ग्राहकों को आवश्यक बैंकिंग कार्य के लिए संबंधित बैंक की शाखा से जानकारी लेना उपयोगी रहेगा। फिलहाल सबसे बड़ा अपडेट यही है कि IBA और UFBU के बीच बातचीत के बाद 28, 29 और 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल स्थगित कर दी गई है। शनिवार अवकाश, PLI स्कीम और अन्य लंबित मुद्दों पर अब बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
UFBU के सात प्रमुख बैंक यूनियनों ने जारी किया संयुक्त निर्णय
हड़ताल स्थगित करने संबंधी सर्कुलर पर AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC से जुड़े पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। संयुक्त मंच की ओर से जारी इस सर्कुलर में IBA के साथ हुई सहमति के आधार पर आंदोलन स्थगित किए जाने की जानकारी दी गई है।