देश के प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी
मेरठ। देश के प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी के लोकप्रिय फाइन डाइनिंग ब्रांड ‘कारीगरी’ ने मेरठ में अपना पहला और देश का 13वां आउटलेट शुरू कर दिया है। भव्य उद्घाटन समारोह को ‘राज तिलक उत्सव’ थीम के तहत आयोजित किया गया, जिसमें शहर के गणमान्य लोगों, भोजन प्रेमियों और शेफ हरपाल सिंह सोखी के प्रशंसकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर शेफ हरपाल सिंह सोखी ने कहा कि कारीगरी केवल एक रेस्टोरेंट नहीं, बल्कि कहानियों और भारतीय संस्कृति का एक जीवंत मंच है। यहां आने वाले मेहमानों को केवल स्वादिष्ट भोजन ही नहीं मिलेगा, बल्कि हर व्यंजन के पीछे छिपी कहानी और उसकी सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया जाएगा।
भारत के कारीगरों, कलाकारों और रचनाकारों को समर्पित है ‘कारीगरी’
शेफ सोखी ने बताया कि कारीगरी रेस्टोरेंट की अवधारणा भारत के उन अनगिनत कारीगरों, खिलाड़ियों, कलाकारों और रचनाकारों को समर्पित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा से देश की पहचान बनाई है। रेस्टोरेंट का नाम और उसकी पूरी थीम भारतीय कला, संस्कृति और रचनात्मकता को सम्मान देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि कारीगरी का हर कोना, हर दीवार और हर सजावटी तत्व अपने भीतर एक कहानी समेटे हुए है। ग्राहकों को ऐसा अनुभव देने का प्रयास किया गया है, जहां वे भोजन के साथ-साथ भारतीय विरासत और भावनाओं को भी महसूस कर सकें।
बचपन की यादों से प्रेरित है विशेष दाल मेन्यू
शेफ हरपाल सिंह सोखी ने बताया कि बचपन में पंजाब के ढाबों पर खाई गई दाल के स्वाद ने उन्हें हमेशा प्रभावित किया। उसी प्रेरणा को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत करते हुए कारीगरी में दाल आधारित कई विशेष व्यंजन तैयार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मेन्यू में दाल सोया चाप, दाल पनीर भुर्जी, दाल अंडा भुर्जी तड़का, दाल मेथी पालक समेत कई प्रयोगात्मक और नवाचार से भरपूर व्यंजन शामिल किए गए हैं। उनका मानना है कि भारतीय दालों में अपार संभावनाएं हैं और उन्हें नए रूप में प्रस्तुत कर ग्राहकों को एक अलग अनुभव दिया जा सकता है।
तीन रंगों में मिलेगा बटर चिकन, शाकाहारियों के लिए भी विशेष मेन्यू
कारीगरी के मेन्यू की एक और खासियत बटर चिकन के तीन अलग-अलग स्वरूप हैं। शेफ सोखी ने बताया कि यहां ग्राहकों को लाल, सफेद और हरे रंग के तीन विशिष्ट अंदाज में तैयार किया गया बटर चिकन परोसा जाएगा, जिससे उन्हें स्वाद का नया अनुभव मिलेगा।
वहीं शाकाहारी ग्राहकों के लिए भी विशेष रूप से बड़ा और आकर्षक मेन्यू तैयार किया गया है। इसमें राजमा गलौटी कबाब, पनीर मार्घेरिटा टिक्का, विभिन्न प्रकार के कबाब, विशेष ब्रेड्स और कई फ्यूजन व्यंजन शामिल किए गए हैं। उनका कहना है कि आज शाकाहारी भोजन भी स्वाद और नवाचार के मामले में किसी नॉनवेज व्यंजन से कम नहीं है।
हर डिश के साथ सुनाई जाएगी उसकी कहानी
शेफ सोखी ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल स्वादिष्ट भोजन परोसना नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव देना है जिसे लोग लंबे समय तक याद रखें। इसी सोच के तहत रेस्टोरेंट के स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे ग्राहकों को हर डिश की पृष्ठभूमि और उससे जुड़ी कहानी भी बता सकें।
उन्होंने कहा कि भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भावनाओं, यादों और संस्कृति से जुड़ा हुआ अनुभव है। कारीगरी में आने वाले मेहमान इस अनुभव को करीब से महसूस कर सकेंगे।
मेरठ से 13 साल पुराना जुड़ाव किया याद
उद्घाटन समारोह के दौरान शेफ हरपाल सिंह सोखी ने मेरठ से अपने पुराने संबंधों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि लगभग 13 वर्ष पहले वे शहर में आयोजित एक लेडीज क्लब कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। संयोगवश 13 साल बाद वे फिर मेरठ आए हैं और इस बार कारीगरी के 13वें आउटलेट का उद्घाटन करने पहुंचे हैं।
उन्होंने इसे अपने जीवन का एक सुखद और यादगार संयोग बताते हुए कहा कि मेरठ के लोगों का प्रेम और स्वागत उन्हें हमेशा याद रहेगा।
‘नमक शमक’ डायलॉग सुनकर झूमे दर्शक
कार्यक्रम के दौरान शेफ हरपाल सिंह सोखी ने अपने लोकप्रिय डायलॉग “नमक शमक, नमक शमक डाल देते हैं” और “जुबान दी होगी… बल्ले-बल्ले” भी सुनाए। उनके इन चर्चित संवादों को सुनते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि ये डायलॉग आज उनकी पहचान बन चुके हैं और देशभर में लोग उन्हें “नमक शमक वाले सरदार जी” या “नमक शमक वाले शेफ” के नाम से पहचानते हैं। उन्होंने इसे अपने प्रशंसकों का प्यार बताया।
भोजन के साथ यादें बनाने की कोशिश
शेफ सोखी ने कहा कि कारीगरी को केवल एक रेस्टोरेंट के रूप में नहीं बल्कि एक ऐसे स्थान के रूप में विकसित किया गया है, जहां लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ यादगार पल बिता सकें।
उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोग सिर्फ भोजन करने नहीं आएंगे, बल्कि एक ऐसा अनुभव लेकर जाएंगे जो उन्हें लंबे समय तक याद रहेगा। भारतीय संस्कृति, स्वाद, कला और भावनाओं को एक साथ जोड़कर कारीगरी को तैयार किया गया है और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
मेरठ में कारीगरी के आगमन से शहर के फूड लवर्स को एक नया फाइन डाइनिंग अनुभव मिलने की उम्मीद है, जहां स्वाद, संस्कृति और कहानियों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।