नमो भारत स्टेशन बने जागरूकता, जनसहभागिता और सतत परिवर्तन के केंद्र
मेरठ। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर एनसीआरटीसी ने पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए नमो भारत ट्रेनों और स्टेशनों पर कई रोचक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया। कई मनोरंजक पहलों के माध्यम से यात्रियों को उनके दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, उनके साथ स्वच्छ और बेहतर भविष्य के निर्माण में सार्वजनिक परिवहन की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर नमो भारत स्टेशनों पर विशेष घोषणाएं की गईं, और उनके माध्यम से यात्रियों को क्षेत्रीय परिवहन के स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प, नमो भारत को चुनने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। साथ ही, स्टेशनों पर और ट्रेनों में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास विषय पर क्विज़ प्रतियोगिताएँ भी की गईं जिसमें सभी आयु वर्ग के यात्रियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को एक हरित एवं सतत भविष्य के निर्माण में उनके योगदान के लिए सराहना स्वरूप विशेष ‘सीड-एम्बेडेड कार्ड’ (बीज युक्त कार्ड) भेंट किए गए। रीसाइक्ल्ड पेपर से बने इन अनोखे कार्डों को मिट्टी में रोप कर, उनसे पौधे उगाए जा सकते हैं। ये इस विचार का प्रतीक हैं कि छोटे सा छोटा प्रयास भी हरित, स्वच्छ और बेहतर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यात्रियों ने इस प्रयास को बहुत पसंद किया और इसकी सराहना की।
अलग-अलग स्टेशनों पर फोटो बूथ भी लगाए गए, जहाँ यात्रियों ने बड़े उत्साह के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। यात्रियों, विशेष रूप से युवाओं और बच्चों की इस उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को शानदार बना दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से नमो भारत स्टेशन केवल यात्रा के एक स्थान के बजाए जागरूकता, सहभागिता और सकारात्मक संदेश के जीवंत मंच में बदल गए।
इसके अलावा, एनसीआरटीसी ने अपने ऑपरेशन्स एवं मेंटेनेंस पार्टनर डीबी आरआरटीएस इंडिया और मेरठ के अहारदा एजुकेशन कॉलेज के सहयोग से बेगमपुल नमो भारत स्टेशन पर ‘सस्टेनेबल टेक्सटाइल, सस्टेनेबल फ्यूचर’ विषय पर तीन दिवसीय रोचक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों की एक श्रृंखला का आयोजन किया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को ‘सस्टेनेबल फैशन’ के प्रति जागरूक करना है। इस कार्यक्रम के तहत स्टेशन परिसर में छात्रों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली से जुड़ी एक रचनात्मक प्रदर्शनी लगाई गई है । इस कार्यक्रम के तहत आयोजित की जा रही इंटरैक्टिव गतिविधियों, रचनात्मक प्रदर्शनी और जागरूकता सत्र ने इस स्टेशन को एक ऐसे जीवंत सोशल हब में परिवर्तित कर दिया है जहाँ नए विचारों और पर्यावरण के प्रति सचेत जीवनशैली अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
इसके अलावा, सस्टेनेबल फैशन और पर्यावरण-अनुकूल कपड़ों पर एक विशेष सत्र तथा कई तरह की ‘डीआईवाई’ (DIY) गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। यात्री इन प्रदर्शनों को देखने, प्रतिभागियों से बातचीत करने और उनके पीछे की सोच को समझने के लिए उत्साहपूर्वक रुक रहे हैं। कई यात्रियों ने छात्रों से इन विषयों पर चर्चा की, सवाल पूछे और प्रदर्शनी की तस्वीरें भी लीं।
यात्रियों ने सस्टेनेबल फैशन पर आधारित इंटरैक्टिव क्विज़ में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कला आधारित गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों ने आयोजन में नई ऊर्जा का संचार किया, जिससे यह पहल सभी आयु वर्ग के यात्रियों के लिए ज्ञानवर्धक, आकर्षक और मनोरंजक साबित हो रही है। यह कार्यक्रम 6 और 7 जून को भी जारी रहेगा। इस दौरान यात्रियों के लिए सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी और अधिक इंटरैक्टिव गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र भी इन कार्यक्रमों में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार जीवनशैली के संदेश को आगे बढ़ाएंगे।
नमो भारत, राष्ट्रीय राजधानी में भीड़भाड़, गाड़ियों की वजह से होने वाले ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण को कम करने, और इस क्षेत्र के संतुलित व सतत विकास को संभव बनाने के लिए एक दीर्घकालिक रणनीतिक पहल है। औसतन लगभग एक लाख से अधिक दैनिक यात्रियों के साथ यह क्षेत्रीय यात्रा का एक लोकप्रिय और भरोसेमंद माध्यम बनता जा रहा है। पूरे कॉरिडोर के परिचालित होने के कुछ ही समय में नमो भारत ने सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने और प्रदूषण घटाने में सकारात्मक योगदान देना शुरू कर दिया है।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास नमो भारत परियोजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एनसीआरटीसी ने कई पर्यावरण-अनुकूल कदम उठाए हैं। इनमें स्टेशनों और डिपो की इमारतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित करना और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से बिजली प्राप्त करना जैसी पहलें शामिल हैं। इन प्रयासों के माध्यम से नमो भारत केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि हरित और सतत भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनकर उभर रही है।
इस तरह की पहलों के माध्यम से एनसीआरटीसी (NCRTC) पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने और पूरे एनसीआर में लोगों तथा यात्रियों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को लगातार मजबूत कर रहा है।