आरजीपीजी कॉलेज में ‘हेरिटेज टेक्सटाइल क्राफ्ट्स’ एड-ऑन कोर्स का समापन
मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ के गृह विज्ञान विभाग और रवीन्द्रनाथ टैगोर कल्चरल क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एड-ऑन कोर्स ‘Heritage Textile Crafts: Embroidery & Printing’ का 2 नवंबर को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कोर्स का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय पारंपरिक वस्त्र कलाओं और हस्तशिल्प से परिचित कराने के साथ उन्हें व्यावहारिक कौशल प्रदान करना था।
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने कढ़ाई के विभिन्न टांके, पारंपरिक नमूनों और डिजाइन निर्माण की विधियां सीखीं। उन्हें रंगों के संयोजन और प्रिंटिंग तकनीकों का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। छात्राओं ने प्रशिक्षण में सीखे कौशल का प्रयोग करते हुए कढ़ाई के नमूने तैयार किए और कढ़ाई से सजे वस्त्र एवं परिधान बनाकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को भारतीय वस्त्र कला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया। साथ ही, उनमें रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़े कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। छात्राओं ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया।
महाविद्यालय की प्राचार्या एवं संरक्षिका प्रो. निवेदिता मलिक ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित पाठ्यक्रम छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने और भविष्य में स्वरोजगार के अवसर तलाशने में मदद कर सकते हैं।
रवीन्द्रनाथ टैगोर कल्चरल क्लब की प्रभारी प्रो. अर्चना रानी ने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्राओं को भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं तथा उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने बताया कि क्लब विभिन्न सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देता है।
गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी प्रो. सोनिका चौधरी ने पारंपरिक हस्तशिल्प और वस्त्र कलाओं के संरक्षण को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे पाठ्यक्रम छात्राओं को पारंपरिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक दक्षता भी प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के सफल संचालन और समापन में आयोजन सचिव श्रीमती दीपा कांडपाल, डॉ. ममता कुमारी, डॉ. श्वेता त्यागी तथा छात्राओं आकृति, अलीना, रक्षिता, वाइज़ा, नबिया, महिमा और रोशनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महाविद्यालय की ओर से मीडिया प्रभारी प्रो. सुनीता और डॉ. पूनमलता सिंह ने कार्यक्रम की जानकारी दी।