गंगानगर के राधा गार्डन में टोल कारोबारी का घर
मेरठ। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के टोल प्लाजा पर कथित तौर पर फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए अवैध वसूली और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को मेरठ में भी कार्रवाई की। देश के सात राज्यों और दिल्ली-एनसीआर में एक साथ कई ठिकानों पर की गई कार्रवाई के तहत ईडी की लखनऊ जोनल टीम मेरठ के गंगानगर क्षेत्र स्थित राधा गार्डन पहुंची।
टीम ने राधा गार्डन में टोल कारोबार से जुड़े बताए जा रहे रविंद्र कुमार शर्मा और उनके भाई देवेंद्र कुमार शर्मा के मकान पर छापेमारी की। यहां ईडी अधिकारियों ने करीब छह से सात घंटे तक दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई के दौरान घर में मौजूद विभिन्न कागजात, लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच के दौरान महत्वपूर्ण पाए गए दस्तावेजों को ईडी की टीम अपने साथ ले गई।
गोपनीय तरीके से पहुंची टीम, घर के बाहर तैनात किए गए सुरक्षाकर्मी
ईडी की कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। बुधवार को टीम एक वाहन से राधा गार्डन पहुंची और सीधे संबंधित मकान के अंदर दाखिल हो गई। अधिकारियों के अंदर पहुंचने के बाद मकान का दरवाजा बंद करा दिया गया। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से घर के बाहर दो सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।
इसके बाद ईडी अधिकारियों ने मकान के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी शुरू की। अधिकारियों ने घर में रखे दस्तावेजों, कागजात और अन्य रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान जिन दस्तावेजों और रिकॉर्ड को मामले से संबंधित या महत्वपूर्ण माना गया, उन्हें अलग कर टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।
टोल कारोबार से जुड़े परिवार पर जांच का दायरा
राधा गार्डन स्थित जिस मकान पर ईडी ने कार्रवाई की, वहां रविंद्र कुमार शर्मा और उनके भाई देवेंद्र कुमार शर्मा के रहने की जानकारी सामने आई है। दोनों भाइयों के टोल कारोबार से जुड़े होने की बात बताई जा रही है।
ईडी जिस मामले की जांच कर रही है, उसमें एनएचएआई के टोल प्लाजा पर कथित रूप से फर्जी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर टोल वसूली में अनियमितता किए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है। इसी मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और अन्य कड़ियों की पड़ताल के दौरान मेरठ स्थित इस ठिकाने को भी जांच के दायरे में लिया गया।
देवेंद्र घर पर नहीं मिले, रविंद्र और उनकी पत्नी से पूछताछ
बताया गया कि जब ईडी की टीम राधा गार्डन स्थित मकान पर पहुंची, उस समय देवेंद्र कुमार शर्मा घर पर मौजूद नहीं थे। जानकारी के अनुसार, वह अपने परिवार के साथ बाहर गए हुए थे। इसके बाद टीम ने घर में मौजूद रविंद्र कुमार शर्मा और उनकी पत्नी से पूछताछ की।
अधिकारियों ने टोल कारोबार से जुड़े लेन-देन, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के संबंध में जानकारी ली। पूछताछ के दौरान प्राप्त जानकारी का घर में मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड से मिलान भी किया गया।
देर रात तक चली जांच, महत्वपूर्ण कागजात साथ ले गई टीम
ईडी की टीम ने मकान में कई घंटे तक जांच-पड़ताल की। अधिकारियों ने दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की छानबीन करने के साथ ही मामले से जुड़े संभावित वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई। करीब छह से सात घंटे की कार्रवाई के बाद टीम देर रात मकान से बाहर निकली।
कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों को काफी देर तक इसकी जानकारी नहीं हो सकी। ईडी की टीम के मकान से निकलने के बाद बाहर कार्रवाई से संबंधित नोटिस चस्पा किए जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद स्थानीय लोगों को पता चला कि राधा गार्डन में केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई हुई है।
कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई
बताया जा रहा है कि फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए एनएचएआई टोल प्लाजा पर कथित अवैध वसूली और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने देश के सात राज्यों और दिल्ली-एनसीआर में एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई की। इसी कार्रवाई के तहत मेरठ के गंगानगर स्थित राधा गार्डन में भी ईडी की टीम पहुंची।
हालांकि, मेरठ में हुई कार्रवाई के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या रिकॉर्ड ईडी के हाथ लगे और जांच में आगे क्या तथ्य सामने आए, इसका विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने आना अभी बाकी है। मामले में ईडी की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होने की संभावना है।