साइबर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी देते साइबर सेल के पुलिसकर्मी।
मेरठ। साइबर जागरूकता अभियान के तहत 29 अक्टूबर को मेरठ स्थित एलआईसी कार्यालय में साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। साइबर सेल मेरठ की टीम ने कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑनलाइन ठगी के अलग-अलग तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट, साइबर स्लेवरी, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, फिशिंग, फर्जी निवेश योजनाओं, सोशल मीडिया ठगी और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साइबर सेल की टीम ने कर्मचारियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर तुरंत भरोसा न करने की सलाह दी।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर करते हैं ठगी
साइबर सेल के उपनिरीक्षक नितिन पांडेय ने बताया कि ठग कई बार खुद को पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं। इसके बाद वे जांच के नाम पर रकम ट्रांसफर कराने या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसी कॉल आने पर घबराने के बजाय संबंधित विभाग से स्वतंत्र रूप से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
उन्होंने अनजान लिंक खोलने, संदिग्ध क्यूआर कोड स्कैन करने और अनधिकृत ऐप डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम कार्ड का सीवीवी नंबर या बैंकिंग पासवर्ड साझा न करने को भी कहा गया।
गेमिंग और फर्जी निवेश के लालच से रहें सतर्क
कार्यक्रम में ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड के बारे में बताया गया कि मुफ्त कॉइन, बोनस, बड़े इनाम या गेमिंग अकाउंट अनलॉक करने के नाम पर लोगों को ठगा जा सकता है। इसी तरह विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर स्लेवरी से जुड़े धोखे और कम समय में अधिक लाभ का लालच देकर चलाए जाने वाले फर्जी निवेश प्रस्तावों से सावधान रहने की अपील की गई।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें
उपनिरीक्षक निर्मल सती ने सोशल मीडिया सुरक्षा और डिजिटल गोपनीयता पर जानकारी दी। उन्होंने अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने, संदिग्ध संदेशों और लिंक से सावधान रहने तथा निजी जानकारी, फोटो और रोजमर्रा की गतिविधियों को सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचने की सलाह दी। साइबर अपराध होने की स्थिति में संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
ठगी होने पर 1930 पर करें संपर्क
साइबर सेल की टीम ने बताया कि ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करें। इसके अलावा https://cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
कार्यक्रम में एलआईसी कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। साइबर सेल मेरठ की ओर से उपनिरीक्षक नितिन पांडेय, उपनिरीक्षक निर्मल सती और मुख्य आरक्षी मोहित ने जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया।