वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ( मध्य में )
मेरठ। #ANN विधानसभा चुनाव की तैयारियों और मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की समीक्षा के लिए सोमवार को मेरठ में निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडलों के 18 जिलों के अधिकारी शामिल हुए। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप सिंह रिणवा और वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की मौजूदगी में जिलों की तैयारियों का जायजा लिया गया।
बैठक में चारों मंडलों के मंडलायुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी, डीएम, पुलिस आयुक्त, आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी सहित चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। जिलों के अधिकारियों और नोडल अधिकारियों ने निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित तैयारियों का प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें प्रशासनिक इंतजाम, चुनावी काम के लिए उपलब्ध मानव संसाधन, ईवीएम, अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण, मतदाता जागरूकता, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा जैसे विषय शामिल रहे।
वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने बताया कि आयोग की टीम जिलों में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रही है। उनके अनुसार, बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया के सभी प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने और चुनावी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आयोग शेष जिलों की तैयारियों की समीक्षा भी चरणबद्ध तरीके से करेगा।

मतदाता सूची में पारदर्शिता पर जोर
मनीष गर्ग ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) और निरंतर अद्यतन जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के उपाय अपनाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि मतदाता सूची त्रुटिरहित और शुद्ध हो, इसके लिए सभी संबंधित पक्षों को प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके लिए क्षेत्रीय सर्वे कराया गया और जिलाधिकारियों ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों के बाद प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को भेजे गए और वहां से निर्वाचन आयोग तक पहुंचाए गए।
12 नवंबर को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची
अधिकारी के अनुसार, मतदाता सूची की प्रारूप सूची 12 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। इसकी प्रतियां राजनीतिक दलों को जिला स्तर और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रारूप सूची वेबसाइट पर भी रखी जाएगी और मतदान केंद्रों पर भी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि लोग उसे देख सकें।
प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद नागरिक उसमें अपना नाम और विवरण जांच सकेंगे। यदि किसी को नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में संशोधन की जरूरत हो, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके लिए फॉर्म 6, 7 और 8 जमा किए जा सकेंगे। अधिकारी के मुताबिक, दावा-आपत्ति की यह अवधि लगभग एक महीने की होगी। इस दौरान प्राप्त आवेदनों पर ईआरओ नियमानुसार निर्णय लेंगे।
अंतिम सूची 4 जनवरी को प्रकाशित करने की योजना
दावा-आपत्ति की प्रक्रिया और आवेदनों पर निर्णय के बाद अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी को प्रकाशित किए जाने की जानकारी दी गई। अंतिम सूची भी राजनीतिक दलों को दी जाएगी और वेबसाइट तथा मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की जाएगी।
बैठक में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आई चुनौतियों और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयारियों का आकलन किया गया। अधिकारियों ने मानव संसाधन, ईवीएम प्रबंधन, प्रशिक्षण, मतदाता जागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था पर अपने जिलों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों के अनुसार, समीक्षा का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के साथ मतदाता सूची में संभावित त्रुटियों को दूर करना है।