मीट द एलुमनी कार्यक्रम में अपर जिला न्यायाधीश डॉ विजय कुमार ने छात्रों को दी ब्रीफिंग
मेरठ, 24 अक्टूबर। मेरठ कॉलेज के विधि विभाग की ओर से शनिवार को विभाग के स्मार्ट रूम में ‘मीट द एलुमनी’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कॉलेज के पुरातन छात्र और मुजफ्फरनगर में अपर जिला न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने विधि के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, व्यावहारिक ज्ञान के महत्व और पेशेवर सफलता के लिए जरूरी गुणों पर चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। विधि विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण दुबलिश ने अतिथियों का स्वागत किया। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नीरज कुमार ने कहा कि समाज को न्यायपालिका से बड़ी उम्मीदें हैं और उसके सामने कई चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों का सामना करने में विधि के विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
हर नागरिक को विधि का सामान्य ज्ञान जरूरी
डॉ. विजय कुमार ने कहा कि विधि का क्षेत्र व्यापक है और इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर अनेक स्तरों पर पड़ता है। उनके अनुसार, व्यक्ति स्वास्थ्य का ध्यान रखकर डॉक्टर के पास जाने की जरूरत कम कर सकता है, लेकिन विधि से उसका सामना जीवन में किसी न किसी रूप में होता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को कानून का सामान्य ज्ञान होना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि भाग्य व्यक्ति के हाथ में नहीं होता, लेकिन पुरुषार्थ से जीवन की दिशा बदली जा सकती है। सफलता के लिए बुद्धिमत्ता के साथ निरंतर परिश्रम भी जरूरी है।
न्यायालय में जाकर समझें न्यायिक प्रक्रिया
विधि के विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव का महत्व समझाते हुए डॉ. कुमार ने कहा कि उनके लिए कचहरी एक प्रयोगशाला की तरह है। विद्यार्थियों को न्यायालय परिसर में जाकर न्यायिक प्रक्रिया को करीब से देखना और समझना चाहिए। इससे कक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यवहार से जोड़ने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी संस्था का महत्व किसी एक व्यक्ति से ऊपर होता है। विधि व्यवसाय में संघ और सामूहिक प्रयासों की अहम भूमिका है। विद्यार्थियों को अपने चुने हुए क्षेत्र में सफल लोगों के साथ समय बिताना चाहिए और असफल लोगों के अनुभवों से भी सीख लेनी चाहिए।
विधि के क्षेत्र में करियर की कई संभावनाएं
डॉ. विजय कुमार ने बताया कि न्यायालय में वकालत के अलावा मध्यस्थता, सुलह, विधिक परामर्श, आयकर और मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों में भी करियर के अवसर हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने पेशेवर जीवन में धन के साथ संतुष्टि को भी महत्व दें और जिस क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं, उसकी व्यावहारिक समझ विकसित करें।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. एम.पी. वर्मा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कौशल प्रताप सिंह ने दिया। आयोजन में शोधार्थी अंकित, भावना, लकी सिंह, रानी और विवेक सहित विधि विभाग के शिक्षकों का योगदान रहा।