शास्त्री नगर धरनास्थल पर पहुंचे, पूर्व सांसद अवतार सिंह भडाना
मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवास विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में चल रहे धरने के बीच रविवार को पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने धरनारत महिलाओं और क्षेत्रवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परिषद की ओर से चल रही कार्रवाई की जानकारी ली।
धरने पर बैठी महिलाओं ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि परिषद पहले ही उनके व्यापार और रोजगार पर ताला लगा चुकी है। कई व्यवसायिक भवनों को सील कर दिया गया है और अब मकानों में सेटबैक के नाम पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है। महिलाओं का कहना था कि छोटे मकानों में सेटबैक छोड़ना संभव नहीं है और ऐसी स्थिति में उनके घर पूरी तरह ढह जाएंगे।
करीब तीन महीने से जारी धरने के बावजूद कार्रवाई न रुकने से लोगों में भारी नाराजगी और डर का माहौल है। महिलाओं ने कहा कि कई जनप्रतिनिधि आए, आश्वासन देकर चले गए, लेकिन बुलडोजर की कार्रवाई के समय कोई साथ खड़ा नहीं हुआ। इस दौरान कुछ बच्चों ने भी पूर्व सांसद से भावुक अपील करते हुए कहा, “अंकल, हमारे घर बचा लीजिए।”
लोगों की बातें सुनकर अवतार सिंह भड़ाना भावुक हो गए। उन्होंने महिलाओं के आंसू पोंछते हुए भरोसा दिलाया कि वह उन्हें उजड़ने नहीं देंगे और न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि मामले में 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है और वह इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से उठाएंगे।
पत्रकारों से बातचीत में पूर्व सांसद ने शास्त्रीनगर-सेंट्रल मार्केट में आवास विकास परिषद की कार्रवाई को “जुल्म और अन्याय” करार दिया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और क्षेत्रवासियों को बेघर करना तथा उनकी रोजी-रोटी छीनना बेहद चिंताजनक है।
भड़ाना ने कहा, “मेरठ के लोगों ने मुझे संसद भेजा था, इसलिए इस शहर का मुझ पर विशेष ऋण है। मैं मेरठ के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा। पूरे मामले का अध्ययन कर इसे हर स्तर पर उठाऊंगा और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विकास कार्यों या किसी अन्य कारण से गरीबों के आशियाने हटाने पड़ते हैं, तो सरकार और प्रशासन की पहली जिम्मेदारी उनका सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करना होना चाहिए। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों को बेघर करना मानवीय संवेदनाओं और उनके अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की ठोस योजना बनाई जानी चाहिए।