चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में "देशभक्ति गीत एवं कविता प्रतियोगिता" का भव्य आयोजन, भुवनेश्वर कुमार रहे प्रथम
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद् द्वारा दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत गुरुवार को शिक्षा विभाग के सेमिनार हॉल में “देशभक्ति गीत एवं कविता प्रतियोगिता” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “मेरा देश” रखा गया था, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक चेतना और भारतीय मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में कुल 38 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 37 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए प्रतियोगिता में भाग लिया।
राष्ट्रभक्ति से सराबोर रहीं प्रस्तुतियां
प्रतिभागियों ने देशभक्ति गीतों और कविताओं के माध्यम से राष्ट्र के प्रति अपने समर्पण, भावनाओं और विचारों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के दौरान प्रस्तुत रचनाओं में देश की एकता और अखंडता, स्वतंत्रता संग्राम के वीर बलिदानों, भारतीय संस्कृति की महानता तथा राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुखता से उभरकर सामने आए।
विद्यार्थियों की सशक्त अभिव्यक्ति, मंच संचालन कौशल, आत्मविश्वास और विषय की गहन समझ ने उपस्थित श्रोताओं एवं अतिथियों को प्रभावित किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का वातावरण बना रहा और श्रोताओं ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
कुलपति सहित वरिष्ठ शिक्षकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर संगीता शुक्ला की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ प्रो. नीलू जैन गुप्ता, प्रो. के.के. शर्मा सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय आदर्शों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया।
प्रतिष्ठित निर्णायकों ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रतिष्ठित निर्णायकों डॉ. ज्योति उपाध्याय, डॉ. डी.एन. भट्ट एवं डॉ. आरती द्वारा किया गया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति शैली, भाषा की शुद्धता, भावाभिव्यक्ति, विषय की प्रासंगिकता तथा मंचीय प्रदर्शन के आधार पर निष्पक्ष मूल्यांकन किया।
निर्णायकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और साहित्यिक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी में साहित्य और संस्कृति के प्रति बढ़ती रुचि समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
प्रतियोगिता परिणाम
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को निम्नानुसार स्थान प्राप्त हुए—
- प्रथम स्थान : भुवनेश्वर कुमार
- द्वितीय स्थान : विधि शर्मा
- तृतीय स्थान : दिशी गौर
विजेताओं की घोषणा होते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।
आयोजन की सफलता में समन्वयकों की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. जितेन्द्र गोयल तथा डॉ. मुनेश कुमार का विशेष योगदान रहा। उन्होंने प्रतियोगिता की संपूर्ण रूपरेखा तैयार करने, प्रतिभागियों के पंजीकरण, आयोजन व्यवस्था, मंच संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
उनके प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ, जिससे प्रतिभागियों और उपस्थितजनों को एक प्रेरणादायक एवं सांस्कृतिक वातावरण प्राप्त हुआ।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों, अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक चेतना और भारतीय मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने में भी सफल रही।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
यह आयोजन दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कड़ी साबित हुआ, जिसने विद्यार्थियों में देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का प्रभावी संदेश प्रसारित किया।