इंचौली थाना क्षेत्र स्थित फैक्ट्री पर छापेमारी की जारी है कार्रवाई
मेरठ। इंचौली थाना क्षेत्र के बहचोला गांव स्थित रेडिक्स पावर लिमिटेड फैक्ट्री में शुक्रवार सुबह जीएसटी विभाग की टीम ने छापेमारी की। टीम करीब सुबह 10:30 बजे फैक्ट्री पहुंची, जिसके बाद फैक्ट्री के गेट बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने अंदर दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच शुरू की। करीब तीन घंटे बाद तक भी जीएसटी विभाग की कार्रवाई जारी रही। इस दौरान फैक्ट्री के बाहर अधिकारियों के वाहन खड़े रहे।
फैक्ट्री मालिक और भाई के घर भी पहुंची टीम
जीएसटी विभाग की टीम ने फैक्ट्री के अलावा गंगानगर थाना क्षेत्र के राजेंद्रपुर स्थित फैक्ट्री मालिक जसप्रीत और उनके भाई के आवास पर भी छापेमारी की। बताया गया कि दोनों स्थानों पर अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान जीएसटी विभाग के अधिकारियों या फैक्ट्री मालिक की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
फैक्ट्री को लेकर ग्रामीण पहले भी उठा चुके हैं प्रदूषण का मुद्दा
बहचोला गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि बैटरी बनाने वाली यह फैक्ट्री आबादी के बीच स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से फैक्ट्री से होने वाले संभावित प्रदूषण और उससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर शिकायत करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने दावा किया कि गांव में कई लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।
ग्रामीणों ने पिछले एक महीने में कैंसर से 8-9 लोगों की मौत होने का भी दावा किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य संबंधी इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित स्वास्थ्य विभाग अथवा अन्य सक्षम प्राधिकारी की रिपोर्ट आवश्यक होगी।
ग्राम प्रधान बोले- आबादी से बाहर हो फैक्ट्री
ग्राम प्रधान मोंटी कुमार ने बताया कि फैक्ट्री को लेकर विभिन्न विभागों में लगातार शिकायतें की गई हैं। उनके मुताबिक, शिकायतों के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जीएसटी विभाग की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले में आगे भी जांच हो सकती है।
ग्राम प्रधान ने कहा कि बैटरी निर्माण से जुड़ी फैक्ट्री आबादी से बाहर होनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाले संभावित प्रदूषण को लेकर उन्हें स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों की चिंता है।
तीन घंटे तक जारी रही कार्रवाई
शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे जीएसटी विभाग की टीम के फैक्ट्री पहुंचने के बाद परिसर का गेट बंद कर दिया गया। अधिकारी अंदर दस्तावेजों की जांच में जुटे रहे। करीब तीन घंटे बाद तक टीम की कार्रवाई जारी थी। फैक्ट्री के बाहर अधिकारियों के वाहन खड़े दिखाई दिए।
जीएसटी विभाग की कार्रवाई किन कारणों से की गई और जांच में क्या सामने आया, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। विभाग की रिपोर्ट या कार्रवाई पूरी होने के बाद ही छापेमारी के कारणों और जांच के निष्कर्षों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।