स्कूल सुरक्षा ऑडिट के दौरान छात्रों को दी गई आपदा प्रबंधन की जानकारी
मेरठ, 16 सितंबर। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जनपद के सरकारी विद्यालयों में स्कूल सुरक्षा ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में माछरा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय वहलोलपुर में स्कूल सुरक्षा ऑडिट किया गया। ऑडिट के बाद विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, रसोइयों, अनुदेशकों और विद्यार्थियों को विभिन्न आपदाओं से बचाव एवं सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
सर्पदंश होने पर तत्काल अस्पताल ले जाने की अपील
आपदा प्रबंधन विषय विशेषज्ञ मुकुंद वल्लभ शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान सर्पदंश की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि सर्पदंश के बाद कई बार लोग जानकारी के अभाव में झाड़-फूंक करने वालों या सपेरों के चक्कर में पड़कर महत्वपूर्ण समय गंवा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पीड़ित को बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि काटे गए स्थान को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करना चाहिए तथा चिकित्सकीय सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
स्कूल सुरक्षा ऑडिट का उद्देश्य विद्यालयों को सुरक्षित बनाना
मुकुंद वल्लभ शर्मा ने कहा कि स्कूल सुरक्षा ऑडिट का उद्देश्य विद्यालयों में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना और जहां आवश्यक सुविधाओं की कमी है, उसकी जानकारी शासन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित विद्यालय सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत सरकारी एवं अर्धसरकारी इंटर कॉलेज, उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालयों का सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों में यह कार्य जोनल कोऑर्डिनेटर देवेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। मेरठ में डीसी नरेंद्र कुमार और आईटी विशेषज्ञ शिवम के सहयोग से अभियान को क्रियान्वित किया जा रहा है।
सिविल और फायर विशेषज्ञों ने भी किया विद्यालय का निरीक्षण
उच्च प्राथमिक विद्यालय वहलोलपुर में स्कूल सुरक्षा ऑडिट आपदा प्रबंधन विषय विशेषज्ञ मुकुंद वल्लभ शर्मा, सिविल इंजीनियर अभिषेक त्यागी तथा फायर एवं अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ विवेक कुमार की टीम द्वारा किया गया। विद्यालय के उपप्रधानाचार्य गुलाब सिंह की उपस्थिति में टीम ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया।
ऑडिट के दौरान विद्यालय की रसोई, शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, कक्षाओं, स्टाफ रूम, गतिविधि कक्ष, गेट एवं खिड़कियों की स्थिति, टीवी, इमरजेंसी लाइट सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
कमियों और आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ऑनलाइन भेजी गई
स्कूल सुरक्षा ऑडिट के दौरान विद्यालय में जिन सुविधाओं की कमी अथवा आवश्यकता पाई गई, उनसे संबंधित जानकारी संकलित की गई। शासन को अवगत कराने के लिए आवश्यक विवरण ऑनलाइन भेजा गया तथा विद्यालय के उपप्रधानाचार्य को भी ऑडिट में सामने आए बिंदुओं की जानकारी दी गई।
भूकंप, आकाशीय बिजली और बाढ़ समेत विभिन्न आपदाओं से बचाव की जानकारी
ऑडिट के बाद आयोजित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में विद्यालय के स्टाफ, रसोइयों, अनुदेशकों और छात्र-छात्राओं को विभिन्न आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सर्पदंश, आकाशीय बिजली, भूकंप, शीतलहर, लू, सड़क सुरक्षा, नाव दुर्घटना और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचाव के उपायों को विस्तार से समझाया गया।
मुकुंद वल्लभ शर्मा ने कहा कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय सही जानकारी और समय पर उठाए गए कदम लोगों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों से आपदा प्रबंधन संबंधी जानकारी को गंभीरता से समझने और आवश्यकता पड़ने पर उसका सही तरीके से उपयोग करने का आह्वान किया।
विद्यालय स्टाफ ने सहयोग किया
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री कृष्ण वर्मा की अनुपस्थिति में उपप्रधानाचार्य गुलाब सिंह के सहयोग से स्कूल सुरक्षा ऑडिट कराया गया। इस दौरान श्रीमती सुनीता सिद्धू, गुलशरण, सहायक अध्यापक अजय कुमार, इंतजार अली, श्रीमती गार्गी तोमर और श्रीमती रीमा रानी सहित विद्यालय स्टाफ का सहयोग रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ सभी रसोइया भी उपस्थित रहे।