पूर्व सैनिक कल्याण निगम के नए कार्यालय का दीप प्रज्ज्वलित कर लोकार्पण करते राज्यमंत्री डॉ॰ सोमेंद्र तोमर
मेरठ, 22 सितंबर 2026। कंकरखेड़ा में उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के नवनिर्मित क्षेत्रीय कार्यालय परिसर का लोकार्पण मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल डॉ. सोमेंद्र तोमर ने किया। करीब 521.89 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस परिसर को पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, उनके आश्रितों और अन्य लाभार्थियों के लिए सेवाओं को अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
पूर्व सैनिकों को एक ही स्थान पर मिलेंगी कई सेवाएं
नवनिर्मित क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से क्षेत्र के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों को पंजीकरण, रोजगार तथा विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं का लाभ अधिक सुगम, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से मिल सकेगा। नए परिसर से निगम के संस्थागत ढांचे और क्षेत्रीय पहुंच को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।

1989 में हुई थी निगम की स्थापना
कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड की स्थापना 23 मई 1989 को मुख्य रूप से प्रदेश के सेवानिवृत्त सैनिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। स्थापना के बाद से निगम ने अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार किया है।
वर्तमान में निगम देशभर में आश्रितों सहित करीब 30 हजार पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है। निगम का मुख्यालय लखनऊ में है और इसके 12 क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
‘पूर्व सैनिकों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता’
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण, पुनर्वास तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण केंद्र और प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सरकार बलिदानी सैनिकों के परिवारों को आर्थिक सहायता, वीर नारियों को सहयोग, प्रदेश की भर्तियों में पूर्व सैनिकों को आरक्षण और नियमित सैनिक बंधु बैठकों के माध्यम से उनकी समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए कार्य कर रही है।
मेरठ की धरती पर कार्यालय होना गौरव की बात
राज्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी मेरठ की धरती से उठी थी। ऐसे में वीरों की इस भूमि पर पूर्व सैनिक कल्याण निगम का आधुनिक क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित होना गौरव का विषय है।
उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सम्मानजनक पुनः रोजगार उपलब्ध कराने में निगम की भूमिका की सराहना की। साथ ही अधिकारियों से कहा कि कल्याणकारी योजनाओं और रोजगार संबंधी पहलों का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए।

डॉ. सोमेंद्र तोमर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूर्व सैनिकों तथा वीर नारियों के साथ सम्मान और संवेदनशीलता से व्यवहार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय केवल फाइलों और देरी का केंद्र न होकर समाधान और सम्मान का केंद्र बनना चाहिए।
वीर नारियों और शौर्य पुरस्कार विजेताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री ने वीर नारियों और शौर्य पुरस्कार प्राप्त वीर योद्धाओं को सम्मानित किया। उन्होंने देश के लिए उनके त्याग और शौर्य को नमन करते हुए बलिदानी सैनिकों के परिवारों को भरोसा दिलाया कि पूरा प्रदेश उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
निगम की उपलब्धियों की दी जानकारी
कार्यक्रम से पहले उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने राज्यमंत्री और कार्यक्रम में मौजूद विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया।

उन्होंने निगम की उपलब्धियों तथा वर्तमान में संचालित योजनाओं और पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित क्षेत्रीय कार्यालय परिसर निगम की कार्यकुशलता, सेवा-प्रदायगी और क्षेत्रीय पहुंच को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा व्यावसायिकता, पारदर्शिता और समर्पण के साथ करने तथा उनके पुनर्वास एवं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में निरंतर योगदान देने की निगम की प्रतिबद्धता दोहराई।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के सहायक महाप्रबंधक (संचालन) कर्नल प्रतीक वाधवा (सेवानिवृत्त) ने राज्यमंत्री, विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल सहित मेरठ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, सशस्त्र बलों के प्रतिनिधि, निगम के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिजन उपस्थित रहे