मुंडाली के उच्च प्राथमिक विद्यालय में छात्रों को दिया आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण
मेरठ, 22 सितंबर। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार सरकारी विद्यालयों में स्कूल सुरक्षा ऑडिट और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खरखौदा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मुंडाली में स्कूल सुरक्षा ऑडिट किया गया। ऑडिट के बाद विद्यालय के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को विभिन्न आपदाओं से बचाव और सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई।
बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित विद्यालय सर्वोच्च प्राथमिकता
आपदा विषय विशेषज्ञ मुकुंद वल्लभ शर्मा ने कहा कि स्कूल सुरक्षा ऑडिट का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, बेहतर शिक्षा और विद्यालयों को सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि बिजली चमकने और आकाशीय बिजली की संभावना के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे समय में पेड़ों, तालाबों, बिजली एवं टेलीफोन के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति के हाथ में लोहे या धातु की कोई वस्तु हो तो उसे भी दूर रख देना चाहिए।
सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
मुकुंद वल्लभ शर्मा ने सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई बार लोग झाड़-फूंक कराने या सपेरों को तलाशने में महत्वपूर्ण समय गंवा देते हैं। सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जहां सांप ने काटा है, उस स्थान को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करना चाहिए और चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
स्कूल की सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से किया गया मूल्यांकन
स्कूल सुरक्षा ऑडिट टीम ने विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। ऑडिट के दौरान रसोई, शौचालय, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था, दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाएं, कक्षाओं, स्टाफ रूम, गतिविधि कक्ष, मुख्य गेट और खिड़कियों की स्थिति का निरीक्षण किया गया।
इसके अलावा विद्यालय में टीवी, इमरजेंसी लाइट और अन्य आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया गया। विद्यालय में जिन सुविधाओं की कमी या आवश्यकता पाई गई, उनकी जानकारी संकलित कर उत्तर प्रदेश शासन को अवगत कराने के लिए ऑनलाइन भेजी गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य को भी आवश्यक बिंदुओं की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों की टीम ने किया सुरक्षा ऑडिट
उच्च प्राथमिक विद्यालय मुंडाली में स्कूल सुरक्षा ऑडिट आपदा प्रबंधन विषय विशेषज्ञ मुकुंद वल्लभ शर्मा, सिविल इंजीनियर अभिषेक त्यागी और फायर एवं अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ विवेक कुमार की टीम ने किया।
फायर एवं अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ विवेक कुमार ने विद्यालय के स्टाफ और छात्र-छात्राओं को अग्निशमन यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी और आपात स्थिति में उनकी भूमिका के बारे में समझाया।
कई आपदाओं से बचाव की दी जानकारी
ऑडिट के बाद आयोजित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में विद्यालय के स्टाफ और छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्राकृतिक और अन्य आपदाओं के दौरान सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया।
प्रशिक्षण में सर्पदंश, आकाशीय बिजली, भूकंप, शीतलहर, लू, सड़क सुरक्षा, नाव दुर्घटना और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।
प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में चल रहा सुरक्षा ऑडिट
बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार टाइम्स प्रो, लखनऊ की टीम द्वारा जनपद के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में स्कूल सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है। इसके तहत सरकारी और अर्धसरकारी इंटर कॉलेजों, उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा प्राथमिक विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में यह कार्य जोनल कोऑर्डिनेटर देवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। मेरठ में डीसी नरेंद्र कुमार और आईटी विशेषज्ञ शिवम के सहयोग से अभियान को क्रियान्वित किया जा रहा है।
विद्यालय स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण
विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाचार्य ओंकार सिंह की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस अवसर पर श्रीमती मालती, योगेश कुमार, रेनू कटियार, श्रीमती शिखा सिंह, श्रीमती रुपाली गुप्ता (सहायक अध्यापक), श्री अविनाश शर्मा (अनुचर), श्रीमती कुनील, श्रीमती रेनू, श्रीमती पाकन (रसोइया) सहित विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय सावधानी और समझदारी से काम लेने तथा उपलब्ध सुरक्षा उपायों का सही तरीके से उपयोग करने के लिए जागरूक किया।