पुस्तकालय के डिजिटल एवं शोध संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी देती मेजर प्रोफेसर अंजुला राजवंशी
मेरठ, 8 सितंबर 2026। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज (आरजीपीजी कॉलेज), मेरठ के डॉ. के. जी. मित्तल मेमोरियल पुस्तकालय में पुस्तकालय समिति के तत्वावधान में पांच दिवसीय ‘स्टूडेंट्स लाइब्रेरी एनरिचमेंट प्रोग्राम’ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन 8 से 12 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को पुस्तकालय की सुविधाओं, अध्ययन सामग्री और आधुनिक डिजिटल संसाधनों से परिचित कराते हुए उनके शैक्षणिक एवं शोध कौशल को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रथम दिवस छात्राओं का कराया गया ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम
कार्यक्रम के प्रथम दिवस रसायन विज्ञान विभाग, संस्कृत विभाग, ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग, एसीपी विभाग तथा कॉमर्स विभाग की छात्राओं के लिए ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं को पुस्तकालय की कार्यप्रणाली, उपलब्ध अध्ययन सामग्री तथा विभिन्न संसाधनों के उपयोग के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।
ओरिएंटेशन का उद्देश्य छात्राओं को पुस्तकालय की सुविधाओं से व्यवस्थित रूप से परिचित कराना रहा, ताकि वे अपनी पढ़ाई के दौरान उपलब्ध पुस्तकों, संदर्भ सामग्री और डिजिटल संसाधनों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
पुस्तकालय को ज्ञान और शोध का केंद्र बनाने पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में पठन-पाठन के प्रति रुचि विकसित करना तथा पुस्तकालय को केवल पुस्तकों के संग्रह तक सीमित न रखते हुए ज्ञान, अध्ययन और शोध के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना है।
कार्यक्रम में स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष, परास्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की छात्राओं के साथ-साथ शोधार्थियों को भी पुस्तकालय में उपलब्ध विभिन्न अध्ययन एवं शोध संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जा रही है। इसके माध्यम से छात्राओं को अपनी शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप सही संसाधन खोजने और उनका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इन्फ्लिबनेट, डेलनेट और कोहा ऐप सहित डिजिटल संसाधनों की जानकारी
‘स्टूडेंट्स लाइब्रेरी एनरिचमेंट प्रोग्राम’ के अंतर्गत छात्राओं को आधुनिक पुस्तकालय सेवाओं एवं डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों से भी परिचित कराया जा रहा है। इनमें इन्फ्लिबनेट, डेलनेट और कोहा ऐप जैसे संसाधन प्रमुख हैं।
इसके अलावा छात्राओं को साहित्यिक चोरी की जांच से संबंधित प्रणाली तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी पुस्तकों और अध्ययन सामग्री के बारे में भी जानकारी प्रदान की जा रही है। डिजिटल संसाधनों की जानकारी मिलने से छात्राएं अपने अध्ययन, असाइनमेंट, ज्ञानवर्धन और शोध कार्य के लिए उपलब्ध सामग्री का अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी उपयोग कर सकेंगी।
“पुस्तकालय छात्राओं के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण”: प्रो. निवेदिता कुमारी
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या एवं संरक्षिका प्रो. निवेदिता कुमारी ने कहा कि पुस्तकालय छात्राओं के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नियमित पठन-पाठन से छात्राओं के ज्ञान का विस्तार होता है और उन्हें अपने विषय के अतिरिक्त विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है।
“पुस्तकें विद्यार्थियों की मौन गुरु हैं”: मेजर प्रो. अंजुला राजवंशी
पुस्तकालय समिति की प्रभारी एवं संयोजक मेजर प्रो. अंजुला राजवंशी ने कहा कि पुस्तकें विद्यार्थियों की मौन गुरु होती हैं। नियमित अध्ययन की आदत विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यक्तित्व को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
उन्होंने छात्राओं से पुस्तकालय में उपलब्ध संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग करने और अध्ययन को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
डिजिटल युग में बदल रही है पुस्तकालय की भूमिका
पुस्तकालयाध्यक्ष श्री सन्मेक कुमार ने डिजिटल युग में पुस्तकालय की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पुस्तकालय केवल मुद्रित पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ई-संसाधनों, डिजिटल सामग्री और शोध सामग्री का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का उपयोग करने तथा अपनी शैक्षणिक एवं शोध आवश्यकताओं के अनुरूप पुस्तकालय की आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
12 सितंबर तक चलेगा कार्यक्रम
पांच दिवसीय यह कार्यक्रम 8 से 12 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की छात्राओं को चरणबद्ध तरीके से पुस्तकालय की सेवाओं एवं संसाधनों की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक छात्राओं को पुस्तकालय से जोड़ना तथा उनमें नियमित अध्ययन एवं शोध की संस्कृति विकसित करना है।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को “अन्वेषण करें, सीखें, आगे बढ़ें और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें” की भावना के साथ पुस्तकालय का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आयोजन में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. उपासना देवी, डॉ. प्रियंका यादव एवं डॉ. ज्योत्सना गौड़ हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पुस्तकालय समिति के सदस्यों, शिक्षिकाओं एवं छात्राओं का सहयोग रहा।
महाविद्यालय की ओर से मीडिया प्रभारी प्रोफेसर सुनीता एवं डॉक्टर पूनम लता सिंह ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं को पुस्तकालय की पारंपरिक सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल एवं शोध संसाधनों से जोड़ने में उपयोगी साबित होते हैं।