100 रूपये में पौष्टिक भोजन को लेकर ऑनलाइन की गई बैलेंस्ड मील चैलेंज प्रतियोगिता
मेरठ, 8 सितंबर 2026। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ के गृह विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का समापन समारोह आयोजित किया गया। सप्ताहभर चले कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं एवं युवाओं को संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली और दैनिक जीवन में पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के दौरान छात्राओं को पोषण संबंधी जानकारी को केवल सैद्धांतिक रूप से समझने के बजाय उसे व्यवहारिक जीवन से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर दिया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से सीमित संसाधनों में भी संतुलित और पौष्टिक भोजन तैयार करने की उपयोगिता पर जोर दिया गया।
अंतिम दिन आयोजित हुई ऑनलाइन ‘₹100 Balanced Meal Challenge’ प्रतियोगिता
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अंतिम दिवस पर गृह विज्ञान विभाग की ओर से ऑनलाइन ‘₹100 Balanced Meal Challenge’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतिभागियों को सीमित बजट में पौष्टिक, संतुलित एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन की योजना बनाने के लिए प्रेरित करना था।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने ₹100 की निर्धारित सीमा में संतुलित भोजन तैयार कर अपने मेनू, लागत विवरण और तैयार किए गए व्यंजनों की प्रस्तुति ऑनलाइन माध्यम से दी। प्रतिभागियों को यह दिखाने का अवसर मिला कि उचित योजना, खाद्य पदार्थों के चयन और उपलब्ध संसाधनों के संतुलित उपयोग के माध्यम से कम बजट में भी पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।
पोषण मूल्य और रचनात्मकता के आधार पर हुआ मूल्यांकन
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत भोजन का मूल्यांकन विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया। इसमें भोजन का पोषण मूल्य, संतुलित आहार की अवधारणा, सीमित बजट में भोजन की योजना, रचनात्मकता, प्रस्तुतीकरण तथा व्यावहारिक उपयोगिता को प्रमुख आधार बनाया गया।
प्रतियोगिता में साक्षी कुमारी, बीए प्रथम वर्ष, गवर्नमेंट कॉलेज गर्ल्स, लुधियाना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ की बीकॉम तृतीय सेमेस्टर की छात्रा सानिया परवीन ने द्वितीय स्थान हासिल कर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया।
प्रतियोगिता में रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ के साथ-साथ अन्य संस्थानों की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। छात्राओं की भागीदारी ने कार्यक्रम के प्रति उनके उत्साह और पोषण संबंधी जागरूकता को प्रदर्शित किया।
कम बजट में भी तैयार किया जा सकता है पौष्टिक भोजन: प्रो. निवेदिता मलिक
महाविद्यालय की प्राचार्या एवं संरक्षिका प्रो. निवेदिता मलिक ने कहा कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार के लिए हमेशा अधिक खर्च करना आवश्यक नहीं है। उपलब्ध संसाधनों का उचित चयन और संतुलित उपयोग करके कम बजट में भी पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पोषण के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं और उन्हें अपने दैनिक खान-पान के प्रति अधिक सजग बनाने में सहायक होती हैं।
पोषण के सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक जीवन से जोड़ती हैं ऐसी प्रतियोगिताएं
गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी प्रो. सोनिका चौधरी ने कहा कि ‘₹100 Balanced Meal Challenge’ जैसी प्रतियोगिताएं छात्राओं को पोषण के सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक जीवन से जोड़ने का अवसर प्रदान करती हैं।
उन्होंने कहा कि सीमित बजट में संतुलित भोजन तैयार करने जैसी गतिविधियां युवाओं को स्वस्थ खान-पान की आदतों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस तरह की प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राएं भोजन की पोषण संबंधी गुणवत्ता के साथ-साथ बजट प्रबंधन और रचनात्मक प्रस्तुतीकरण का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त करती हैं।
शिक्षिकाओं और छात्राओं का रहा सराहनीय योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन सचिव श्रीमती दीपा कांडपाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा शिक्षिकाओं डॉ. ममता कुमारी, डॉ. श्वेता त्यागी और सुश्री शिवानी संधू सहित छात्राओं ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सराहनीय योगदान दिया।
आयोजकों ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाणपत्र
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह-2026 के समापन अवसर पर प्रतियोगिता एवं विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को संतुलित आहार, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को समझने तथा उसे दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।
महाविद्यालय की ओर से बताया गया कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ने के साथ-साथ उनमें स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक होती हैं।