युवाओं को नशा मुक्ति से जागरूक करते छात्र वंदित अग्रवाल
पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में युवाओं को नशे और हिंसा से दूर रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा “नशा और हिंसा मुक्त मेरा गांव मेरी शान” अभियान लगातार सफलता की नई मिसाल कायम कर रहा है। पंचकूला पुलिस द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब एक व्यापक सामाजिक जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें पुलिस प्रशासन, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
तत्कालीन पुलिस कमिश्नर राकेश कुमार आर्य द्वारा 2 दिसंबर 2024 को शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालना, उन्हें जागरूक बनाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। वर्तमान में पुलिस कमिश्नर पंकज नैन, डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता और डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में अभियान को और अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
551 क्षेत्रों तक पहुंचा अभियान, हजारों लोगों से संवाद
पुलिस द्वारा गठित तीन विशेष टीमों ने अब तक पंचकूला जिले के 551 क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया है। इस दौरान कुल 34,315 लोगों को नशे और हिंसा के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान 3,535 नशा प्रभावित व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनमें से 3,258 लोगों का उपचार शुरू करवाया जा चुका है। इसके अलावा गंभीर रूप से नशे की लत से पीड़ित 190 व्यक्तियों को सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल की सहायता से नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाकर उपचार उपलब्ध कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को उपचार और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराना भी है।
कक्षा 12 के छात्र वंदित अग्रवाल बने अभियान का चेहरा
इस अभियान की सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि इसमें कक्षा 12वीं के छात्र वंदित अग्रवाल सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वंदित पिछले लगभग 500 दिनों से लगातार युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं।
वह स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, नशा मुक्ति केंद्रों तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताते हैं और उन्हें सकारात्मक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
वंदित का मानना है कि नशे की लत से बाहर निकलने के संघर्ष से बेहतर है कि युवा इस रास्ते पर कदम ही न रखें।
एलन इंस्टीट्यूट में छात्रों से किया संवाद
अभियान के तहत गुरुवार को वंदित अग्रवाल पंचकूला पुलिस टीम के साथ सेक्टर-14 स्थित एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट पहुंचे। यहां उन्होंने छात्रों के साथ खुलकर बातचीत की और उन्हें नशे के खतरों के बारे में जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि कई बार विद्यार्थी पढ़ाई के दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं की चिंता और मानसिक तनाव के कारण गलत दिशा में चले जाते हैं। लेकिन नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के भविष्य, परिवार और स्वास्थ्य को बर्बाद कर देता है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि कठिन परिस्थितियों का सामना संघर्ष और मेहनत से किया जा सकता है, न कि नशे के सहारे।
“पफ नशे का नहीं, अपने लक्ष्य का लें”
कार्यक्रम के दौरान वंदित अग्रवाल ने युवाओं को “नॉट वन पफ एवर” अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा,
“पफ नशे का नहीं, अपने लक्ष्य का लें।”
उन्होंने कहा कि आज युवाओं को अपने सपनों, शिक्षा और करियर पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। नशा उन्हें उनके लक्ष्य से दूर ले जाता है और जीवन को अंधकार की ओर धकेल देता है।
“नशा बीमारी है, अपराध नहीं”
वंदित अग्रवाल ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि नशा एक बीमारी है, अपराध नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग नशे की लत से जूझ रहे हैं, उन्हें समाज से डरने या छिपने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि नशा पीड़ित बिना किसी भय के आगे आएं। पंचकूला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग उनके लिए निशुल्क उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था उपलब्ध कराएंगे।
समाज को बदलनी होगी सोच
वंदित ने कहा कि समाज में आज भी नशा पीड़ित लोगों को लेकर नकारात्मक सोच मौजूद है। इसी कारण कई युवा अपनी समस्या किसी के साथ साझा नहीं कर पाते और धीरे-धीरे नशे की गहराई में फंसते चले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सोच बदलनी होगी और नशा पीड़ितों को अपराधी नहीं बल्कि उपचार की जरूरत वाले व्यक्ति के रूप में देखना होगा। परिवार और समाज के सहयोग से ही उन्हें सामान्य जीवन की ओर वापस लाया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने भी किया जागरूक
इस अवसर पर अभियान से जुड़ी महिला इंस्पेक्टर राजेश कुमारी और महिला एएसआई शिवानी ने भी विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने तथा अपने भविष्य को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
अधिकारियों ने कहा कि एक जागरूक, शिक्षित और नशा मुक्त युवा ही बेहतर हरियाणा और मजबूत भारत के निर्माण की नींव रख सकता है।
समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रहा अभियान
पंचकूला पुलिस का यह अभियान केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक प्रभावी पहल बन चुका है। हजारों लोगों तक पहुंच चुके इस अभियान ने यह साबित किया है कि यदि प्रशासन, समाज और युवा मिलकर प्रयास करें तो नशे जैसी गंभीर समस्या से प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।
पुलिस प्रशासन का लक्ष्य आने वाले समय में और अधिक युवाओं तक पहुंचकर उन्हें नशा मुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना है, ताकि पंचकूला ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को नशा और हिंसा मुक्त बनाया जा सके।
पंचकूला पुलिस का नशा मुक्त अभियान बना जनआंदोलन, 34 हजार लोगों तक पहुंचा संदेश
पंचकूला पुलिस के ‘नशा और हिंसा मुक्त मेरा गांव मेरी शान’ अभियान के तहत 551 क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 3200 से अधिक नशा पीड़ितों का इलाज शुरू कराया गया। कक्षा 12 के छात्र वंदित अग्रवाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।