श्रावण मास कांवड़ यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराए जाने को लेकर अधीनस्थों को प्रशस्ति पत्र किए गए वितरित
मेरठ, 9 सितंबर 2026। आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अपराध नियंत्रण की प्रभावी रणनीति तैयार करने के लिए मेरठ परिक्षेत्र कार्यालय में अपराध समीक्षा एवं कानून-व्यवस्था संबंधी महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र श्री कलानिधि नैथानी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मेरठ रेंज के चारों जनपदों के पुलिस प्रमुखों के साथ अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध, जनसुनवाई और विभिन्न पुलिस अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई।
चारों जनपदों के पुलिस अधिकारी रहे शामिल
गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ श्री बीबीजीटीएस मूर्ति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलन्दशहर श्री दिनेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक बागपत श्री सूरज कुमार राय तथा पुलिस अधीक्षक हापुड़ श्री कुंवर ज्ञानंजय सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा रेंज के सभी अपर पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सीओ एलआईयू और एआरओ गूगल मीट के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचनाओं के निस्तारण, साइबर अपराध, जनसुनवाई, आईजीआरएस तथा जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट, ऑपरेशन कन्विक्शन और मिशन शक्ति सहित विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई।
आगामी त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
DIG कलानिधि नैथानी ने अधिकारियों को आगामी गणेश चतुर्थी, नवरात्र, रामनवमी, दशहरा, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा मेले (गढ़ गंगा मेला) को लेकर अभी से प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सभी क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के त्योहार रजिस्टर का अवलोकन करने और पूर्व में हुए विवादों एवं संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि किसी भी स्थान पर नई परंपरा शुरू न होने दी जाए और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त तैयारी की जाए।
गणेश प्रतिमा स्थापना स्थलों पर CCTV लगाने के निर्देश
गणेश चतुर्थी के मद्देनजर थाना क्षेत्रों में जहां-जहां गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जानी हैं, उनकी सूची थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी के पास उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। प्रतिमा स्थापना वाले स्थानों पर आयोजकों से समन्वय कर सीसीटीवी कैमरे लगवाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों को पूर्व में त्योहारों के दौरान हुए विवादों की पहचान कर ऐसे मामलों से जुड़े असामाजिक तत्वों के खिलाफ समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
लंबित विवेचनाओं के निस्तारण पर DIG की सख्ती
बैठक में विवेचनाओं के निस्तारण की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अच्छी विवेचना और बेहतर निस्तारण के लिए क्षेत्राधिकारी नगर, बागपत की प्रशंसा की गई। वहीं खराब विवेचना निस्तारण के मामले में क्षेत्राधिकारी शिकारपुर, बुलन्दशहर से स्पष्टीकरण तलब किया गया।
इसके साथ ही सर्किल में अत्यधिक वारदात होने के मामले में क्षेत्राधिकारी सदर देहात, मेरठ से भी स्पष्टीकरण मांगा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित विवेचनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और गंभीर मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
हत्या, लूट और डकैती के लंबित मामलों में गिरफ्तारी तेज करने के निर्देश
DIG ने लूट, डकैती और हत्या के ऐसे मामलों की समीक्षा की जिनमें अभी गिरफ्तारी शेष है। अधिकारियों को टीम गठित कर वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। हत्या के वांछित अपराधियों की सूची तैयार कर न्यायालय से वारंट प्राप्त करने, आवश्यकतानुसार कुर्की की कार्रवाई कराने तथा पुरस्कार घोषित कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिन हत्या के मामलों का अभी तक अनावरण नहीं हो पाया है, उनमें साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए मामलों का खुलासा करने पर भी जोर दिया गया।
हिस्ट्रीशीट और निरोधात्मक कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश
बैठक में पेशेवर एवं सक्रिय अपराधियों के खिलाफ निगरानी और निरोधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। गौकशी एवं पशु क्रूरता के वांछित आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ संबंधित मामलों में हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा ट्रांसफार्मर चोरी और पशु चोरी में संलिप्त अपराधियों के संबंध में भी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। ऐसे थानों को चिन्हित कर नई हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए गए जहां इस वर्ष अभी तक एक भी हिस्ट्रीशीट नहीं खोली गई है।
NBW और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी पर जोर
DIG ने सभी जनपदों में गैर-जमानती वारंट यानी NBW के तामीला और गिरफ्तारी की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गिरफ्तारी के प्रतिशत में सुधार लाने के लिए थाना एवं क्षेत्र स्तर पर टास्क निर्धारित कर अधिक से अधिक वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित करने तथा गंभीर अपराधों में वांछित आरोपियों के खिलाफ आवश्यकतानुसार इनाम घोषित कराने के निर्देश भी दिए गए।
गैंगस्टर और अन्य संगठित अपराधों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश
बैठक में गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, गुंडा एक्ट और जिला बदर जैसी निरोधात्मक कार्रवाइयों की भी समीक्षा की गई। जिन थाना क्षेत्रों में इन मामलों में कार्रवाई कम पाई गई, वहां पर्यवेक्षण बढ़ाकर कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
चिन्हित माफियाओं से जुड़े न्यायालय में विचाराधीन मामलों में प्रभावी पैरवी कर गवाही पूरी कराने और अधिक से अधिक मामलों में सजा सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया गया। गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई बढ़ाने तथा आवश्यक मामलों में गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत जब्तीकरण की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों पर विशेष निगरानी
मिशन शक्ति को गंभीरता से लागू करने के निर्देश देते हुए महिला संबंधी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। एंटी रोमियो टीमों को आवश्यकतानुसार थाना स्तर से वाहन एवं बाइक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
POCSO अधिनियम के मामलों में यदि आरोपियों की गिरफ्तारी लंबित है तो अभियान चलाकर गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए गए। महिलाओं, बच्चों और जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित प्रभावी कार्रवाई करने तथा उनकी निगरानी बनाए रखने को कहा गया।
लापता बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष प्रयास
लापता एवं खोए हुए बच्चों की बरामदगी के लिए AHTU और DCRB से सूची प्राप्त कर अनाथालय आदि से उसका मिलान कराने तथा बच्चों की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को इस कार्य में गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने को कहा गया।
साइबर अपराध और फर्जी कॉल पर भी विशेष फोकस
बैठक में साइबर अपराध की स्थिति की भी समीक्षा की गई। एसपी अपराध और क्षेत्राधिकारी स्तर पर साइबर अपराध की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। फर्जी कॉल और साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों तथा IMEI को साइबर पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक ब्लॉक कराने को कहा गया।
साथ ही स्नैचिंग की घटनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए उनके नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई को प्रभावी बनाने पर जोर
DIG ने सभी क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों में नियमित जनसुनवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि थाना और सर्किल स्तर पर ही जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से उच्च अधिकारियों के पास न जाना पड़े।
पुलिसकर्मियों की समस्याओं को भी सुनने और उनके समाधान का प्रयास करने के निर्देश दिए गए। अनुशासनहीनता करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यकतानुसार कठोर कार्रवाई करने को कहा गया, जिससे पुलिस विभाग में अनुशासन का स्तर बेहतर बना रहे।
अवैध शराब, खनन, जुआ और सट्टे के खिलाफ कार्रवाई
अधिकारियों को अवैध खनन, अवैध शराब, भूमाफिया और अन्य संगठित अपराधों में संलिप्त अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जुआ, सट्टा और मादक पदार्थों की बिक्री जैसे संगठित अपराधों पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए अभियान चलाने को कहा गया।
लुटेरों, अवैध शराब एवं पशु तस्करों जैसे पेशेवर अपराधियों की सूची तैयार कर लगातार निगरानी और सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। सक्रिय एवं दुर्दांत अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए भी प्रभावी पैरवी करने को कहा गया।
पटाखों के अवैध भंडारण पर प्रशासन से समन्वय
आगामी दीपावली के मद्देनजर पटाखों के अवैध भंडारण और अवैध गन पाउडर के संबंध में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी रोकथाम करने के निर्देश दिए गए। बस माफिया और डग्गामार वाहनों पर भी विशेष निगरानी रखने तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी प्रतिकूल घटना की स्थिति में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया।
सोशल मीडिया पर सतत निगरानी के निर्देश
DIG ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भ्रामक सूचना सामने आने पर उसका तत्काल खंडन करने तथा आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
कांवड़ यात्रा में बेहतर कार्य के लिए जनपद प्रभारियों को प्रशस्ति पत्र
बैठक के दौरान श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने तथा अपने-अपने तैनाती जनपदों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जनपद प्रभारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
बैठक के अंत में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।