एक लाख का इनामी कुख्यात उद्यम सिंह
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधियों में शामिल उधम सिंह की गिरफ्तारी के लिए मेरठ पुलिस ने दबाव और बढ़ा दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे उधम सिंह पर घोषित इनामी राशि को दोगुना करते हुए अब एक लाख रुपये कर दिया गया है। मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इनाम बढ़ाए जाने से अपराधी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचनाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी और उसकी जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सकेगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले उधम सिंह समेत सात वांछित अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। हालांकि लगातार प्रयासों और विभिन्न स्थानों पर दबिश के बावजूद पुलिस को सफलता नहीं मिली। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी को प्राथमिकता देते हुए इनामी राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमानत लेने का आरोप
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उधम सिंह वर्ष 2011 में दर्ज एक आपराधिक मुकदमे में जमानत पर जेल से बाहर आया था। बाद में कुछ लोगों द्वारा शिकायत की गई कि उसने न्यायालय से जमानत प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था। मामले की जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर शिकायतकर्ता अनवर की तहरीर के आधार पर उसके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है, लेकिन वह लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा है। पुलिस का कहना है कि उसके संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी गई, लेकिन वह हर बार पुलिस के हाथ से निकल गया।
नेपाल भागने की चर्चाओं ने बढ़ाई चिंता
उधम सिंह के फरार होने के बाद यह चर्चाएं भी सामने आई हैं कि वह भारत छोड़कर नेपाल में शरण लिए हुए है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय से गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उधम सिंह के संपर्कों और संभावित ठिकानों की निगरानी की जा रही है। साथ ही विभिन्न राज्यों और एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके।
71 आपराधिक मुकदमे, लंबा अपराध इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड में उधम सिंह का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े अपराधियों में दर्ज है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, अपहरण, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों समेत कुल 71 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। मेरठ के अलावा आसपास के कई जिलों में भी उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
उधम सिंह के बढ़ते आपराधिक प्रभाव को देखते हुए उसके खिलाफ पूर्व में गुंडा एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर बना हुआ है।
डीआईजी के निर्देश, गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उधम सिंह की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाए। पुलिस का मानना है कि इनामी राशि बढ़ने के बाद आम लोगों और मुखबिर तंत्र से अधिक सूचनाएं प्राप्त हो सकती हैं, जिससे उसकी गिरफ्तारी का रास्ता आसान होगा।
पुलिस अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को उधम सिंह के बारे में कोई जानकारी हो तो वह तत्काल पुलिस को सूचित करे। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
एक नजर में उधम सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड
- इनामी राशि: 1 लाख रुपये
- पूर्व इनाम: 50 हजार रुपये
- कुल दर्ज मुकदमे: 71
- प्रमुख आरोप: हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, रंगदारी
- विशेष कार्रवाई: गुंडा एक्ट एवं NSA
- स्थिति: फरार, NBW जारी
पुलिस कार्रवाई: लगातार दबिश और विशेष तलाश अभियान जारी
मेरठ पुलिस के लिए उधम सिंह की गिरफ्तारी प्रतिष्ठा का विषय बन गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।