जैनाचार्य सौरभ सागर जी महाराज
वर्षा योग के दौरान युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों में बढ़ रहा धार्मिक एवं संस्कारमय जुड़ाव, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने की गुरु भक्ति
मेरठ । परम पूज्य आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज का वर्षा योग मेरठ में श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक वातावरण के बीच निरंतर आगे बढ़ रहा है। वर्षा योग के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आचार्य श्री के प्रवचनों और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार युवाओं और बच्चों में भी संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जबकि बुजुर्ग आचार्य श्री के प्रवचनों के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं।
IIMT चांसलर के आवास से साकेत स्थित जैन मंदिर के लिए हुआ मंगल विहार
बुधवार को प्रातः करीब 8 बजे परम पूज्य आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज का मंगल विहार IIMT के चांसलर श्री योगेश मोहन गुप्ता के निवास स्थान से श्री दिगंबर जैन मंदिर, साकेत के लिए हुआ। इसके बाद आचार्य श्री का मंगल विहार श्री आनंद जैन सर्राफ एवं श्री हर्षवर्धन जैन सर्राफ के साकेत स्थित निवास स्थान के लिए हुआ। दिनभर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। दोपहर 3 बजे शंका समाधान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने अपनी जिज्ञासाओं और आध्यात्मिक विषयों से जुड़े प्रश्नों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
सायंकालीन गुरु भक्ति में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सायं करीब 6:30 बजे सायंकालीन गुरु भक्ति का आयोजन हुआ। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री की चरण वंदना करते हुए भक्ति में सहभागिता की। धार्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।
‘सुखी कौन है’ विषय पर आचार्य श्री ने दिया संदेश
श्री आनंद जैन सर्राफ के साकेत स्थित निवास पर अपने एक दिन के प्रवास के दौरान आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन दिए। उन्होंने जीवन में वास्तविक सुख और मानसिक शांति के विषय पर श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया। आचार्य श्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के मन में यह प्रश्न आता है कि संसार में वास्तव में सुखी कौन है। उनके अनुसार जो व्यक्ति शांति और संतुलन के साथ सो सके तथा प्रसन्न मन से जाग सके, वह सुखी है। उन्होंने कहा कि मन की बेचैनी, असंतुलन, थकान और बार-बार जागने जैसी स्थितियां व्यक्ति की मानसिक एवं वैचारिक अवस्था से भी जुड़ी हो सकती हैं।
भगवान की भक्ति के साथ कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन जरूरी
आचार्य श्री ने कहा कि जीवन में मानसिक शांति के लिए परमात्मा की शरण, आराधना, जिनेंद्र प्रभु की भक्ति, श्रद्धा और पूर्ण समर्पण का भाव आवश्यक है। भगवान का नाम स्मरण करने, उनके गुणों का गुणगान करने और दर्शन के साथ-साथ व्यक्ति को अपने जीवन के कर्तव्यों का भी पूरी ईमानदारी और धर्मपूर्वक निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने विचारों में पवित्रता रखने, अहंकार से दूर रहने तथा जीवन में समभाव और सेवा भाव अपनाने पर जोर दिया। आचार्य श्री के अनुसार जीवन में सकारात्मक और संतुलित विचारों के साथ धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने से व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
10 सितंबर को जैन बोर्डिंग हाउस के लिए होगा मंगल विहार
श्री पुष्प वर्षा योग समिति मेरठ महानगर के चेयरमैन श्री सुरेश जैन रितुराज ने बताया कि परम पूज्य आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज का मंगल विहार 10 सितंबर को प्रातः 8 बजे श्री आनंद जैन सर्राफ के साकेत स्थित निवास से चातुर्मास स्थल जैन बोर्डिंग हाउस, रेलवे रोड, मेरठ के लिए होगा। उन्होंने बताया कि आचार्य श्री का जैन बोर्डिंग हाउस में 10 सितंबर से 12 सितंबर तक तीन दिवसीय प्रवास प्रस्तावित है। इस दौरान विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन में प्रमुख श्रद्धालु रहे मौजूद
बुधवार के कार्यक्रम में विशेष रूप से हर्षवर्धन जैन, सुरेंद्र जैन, हंस कुमार जैन, योगेश मोहन गुप्ता, सुशील जैन, समीर जैन, रितेश जैन, प्रमोद जैन, राजीव जैन, राजेंद्र जैन, राकेश जैन, श्रीकिशन जैन सहित अन्य श्रेष्ठीगण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी रितेश जैन, मीडिया एवं प्रचार चेयरमैन, श्री पुष्प वर्षा योग समिति मेरठ महानगर की ओर से दी गई