अपनी मांगों को लेकर एसडीएम सरधना को ज्ञापन देते शीलकुंज कॉलोनीवासी
मेरठ। शीलकुंज कॉलोनी के निवासियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण धरना प्रशासन और बीएनबी/इंडस वैली प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद समाप्त कर दिया गया। निवासियों की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर प्रशासन एवं प्रबंधन के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई और समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।
एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक, कई मुद्दों पर चर्चा
शीलकुंज निवासियों की समस्याओं को लेकर सरधना स्थित एसडीएम कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम उदित सेंगर और सीओ सरधना के साथ कॉलोनी समिति के प्रतिनिधियों तथा बीएनबी/इंडस वैली प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की।
बैठक में कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था, आरएफआईडी सिस्टम, गेट नंबर एक पर बूम बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, आवारा कुत्तों की समस्या, एसटीपी एवं सीवर व्यवस्था तथा मेंटेनेंस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
दोनों गेटों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर सहमति
बैठक में कॉलोनी के दोनों गेटों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही गेट नंबर एक पर बूम बैरियर को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यशील करने का निर्णय लिया गया। समिति के अनुसार, गेट नंबर एक का बूम बैरियर एक नवंबर तक चालू करने पर सहमति बनी है।
आरएफआईडी रहित वाहनों की कॉलोनी में प्रवेश की स्थिति में उनकी एंट्री दर्ज करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी सामने आई। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी।
आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए नियमित अभियान
बैठक के दौरान शीलकुंज में आवारा कुत्तों की समस्या का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इस समस्या के समाधान के लिए नियमित अभियान चलाने पर सहमति बनी, ताकि कॉलोनीवासियों को आवारा कुत्तों से होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
इसके अलावा एसटीपी और सीवर व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। कॉलोनी की सुविधाओं को बेहतर बनाने और मौजूदा व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
हर फेस से चुने जाएंगे दो निवासी प्रतिनिधि
बैठक में कॉलोनी की समस्याओं की नियमित समीक्षा के लिए प्रत्येक फेस से दो निवासी प्रतिनिधियों के चयन का निर्णय लिया गया है। ये प्रतिनिधि प्रबंधन के साथ प्रत्येक माह बैठक करेंगे और कॉलोनी में चल रहे कार्यों तथा समस्याओं के समाधान की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
समिति की ओर से स्पष्ट किया गया कि उसका उद्देश्य मेंटेनेंस व्यवस्था को अपने हाथ में लेना नहीं है, बल्कि कॉलोनी में बेहतर सुरक्षा, सुविधाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
आश्वासनों पर अमल की उम्मीद, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
समिति सदस्य अवनीश काजला ने कहा कि प्रशासन के समक्ष सभी प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कंपनी बैठक में दिए गए आश्वासनों और तय समय-सीमा का पालन करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि कंपनी अपने आश्वासनों से पीछे हटती है या तय बिंदुओं पर कार्रवाई नहीं होती है, तो समिति को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
बैठक की जानकारी देने के बाद शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ धरना
बैठक के बाद समिति की ओर से मंगलवार सुबह शीलकुंज के निवासियों को बैठक में हुई कार्रवाई और बनी सहमति के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद कई दिनों से चल रहा धरना शांतिपूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया।
समिति ने स्पष्ट किया कि फिलहाल प्रशासन और प्रबंधन के आश्वासनों के आधार पर धरना समाप्त किया गया है। अब तय समय-सीमा में संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन और समस्याओं के समाधान की समीक्षा की जाएगी।
ये लोग रहे बैठक में मौजूद
बैठक में समिति सदस्य अवनीश काजला, विनोद जैन, प्रदीप सेठी, विपिन राणा, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, हरिओम कंसल, मनोज गर्ग, हर्ष पुनिया, प्रज्ञा पंवार, पंकज यादव, प्रबल साहनी और तनुज पुनिया सहित अन्य निवासी मौजूद रहे।
बैठक के बाद धरना समाप्त होने से शीलकुंज निवासियों की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर फिलहाल समाधान की दिशा में सहमति बनी है। अब निवासियों की नजर तय समय-सीमा के भीतर संबंधित व्यवस्थाओं को लागू किए जाने पर रहेगी।