चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम को संबोधित करती वक्ता
वा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों और मानसिक स्वास्थ्य पर हुई चर्चा
मेरठ । चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग स्थित सेमिनार हॉल में 12 अक्टूबर को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। साहित्यिक परिषद, मनोविज्ञान विभाग और विश्वविद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के निर्देशन में आयोजित हुआ। इसकी अध्यक्षता रिसर्च डायरेक्टर प्रो. बीरपाल सिंह ने की। साहित्यिक-सांस्कृतिक परिषद की प्रो. नीलू जैन, समन्वयक प्रो. कृष्णकांत शर्मा तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. वैशाली पाटिल और डॉ. अंशु अग्रवाल ने आयोजन में भूमिका निभाई। कार्यक्रम में डॉ. सीमा शर्मा, सुश्री सुरभि पाठक और डॉ. संजय कुमार वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
नशे का असर व्यक्ति से परिवार और समाज तक
वक्ताओं ने बताया कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इससे परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। कार्यक्रम में नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
डॉ. सीमा शर्मा ने कहा कि नशे की आदत धीरे-धीरे व्यक्ति के नियंत्रण से बाहर हो सकती है और आगे चलकर ड्रग्स के दुरुपयोग का रूप ले सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के खतरे समझने और समय रहते इससे दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
कहानी के माध्यम से सकारात्मक सोच का संदेश
प्रो. के.के. शर्मा ने कहानी के माध्यम से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच के प्रति जागरूकता बढ़ाई। अतिथि वक्ता सुश्री सुरभि पाठक ने कहा कि नशे से दूर रहना भी समाज और देश के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है। डॉ. संजय कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित बनाए रखने से जुड़े विचार साझा किए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। आयोजन के संचालन और प्रबंधन में डॉ. शालू, डॉ. शैरी चौधरी और डॉ. सुनील कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भूगोल विभाग के विद्यार्थियों में कशिश गोयलियान, तनु, रुचि शर्मा, वंशिका, लक्ष्य कुमार, तरुण, वंश, प्रथम सिरोही, गोविंदर कुमार गौतम, सूर्यांश, हारिश, तेजस, हिमांशु, श्रृंखला और मुदित ने सहयोग किया।