आतिर की कलाई पर राखी बाँधती बहन संगीता दोहरे
मेरठ। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व केवल एक धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी देता है। मेरठ की धरती पर रक्षाबंधन के अवसर पर ऐसा ही भाईचारा देखने को मिला, जहां राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े दो पदाधिकारी पिछले करीब 13-14 वर्षों से भाई-बहन के रिश्ते को पूरी आत्मीयता के साथ निभा रहे हैं।
आतिर रिजवी की कलाई पर राखी बांधती हैं संगीता दोहरे
रक्षाबंधन के अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल (सामाजिक न्याय मंच) की प्रदेश अध्यक्ष संगीता दोहरे ने राष्ट्रीय लोकदल के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश महासचिव (संगठन) एवं प्रदेश प्रवक्ता तथा सनौता गांव निवासी आतिर रिजवी की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान भाई-बहन के बीच वर्षों से चले आ रहे स्नेह और विश्वास का रिश्ता एक बार फिर देखने को मिला।
संगीता दोहरे और आतिर रिजवी के बीच भाई-बहन का यह रिश्ता पिछले करीब 13-14 वर्षों से कायम है। समय के साथ यह रिश्ता और अधिक मजबूत होता गया है। दोनों हर वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर एक-दूसरे के साथ इस पारिवारिक रिश्ते की आत्मीयता को साझा करते हैं।
13-14 वर्षों से कायम है भाई-बहन का रिश्ता
संगीता दोहरे और आतिर रिजवी का रिश्ता इस बात की मिसाल है कि सच्चे रिश्ते जाति, धर्म और मजहब की सीमाओं से ऊपर होते हैं। पिछले कई वर्षों से दोनों भाई-बहन की तरह एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहे हैं। रक्षाबंधन पर संगीता द्वारा आतिर की कलाई पर राखी बांधना इसी आत्मीय रिश्ते की निरंतरता को दर्शाता है।
यह रिश्ता न केवल व्यक्तिगत स्नेह और विश्वास का प्रतीक है, बल्कि समाज में आपसी सद्भाव, प्रेम और भाईचारे का सकारात्मक संदेश भी देता है।
कुरआन और गीता का संदेश – प्रेम और भाईचारा
रक्षाबंधन के इस अवसर पर दोनों के रिश्ते को “यही भाईचारा सिखाती है कुरआन और गीता” जैसे संदेश के माध्यम से भी व्यक्त किया गया। यह संदेश समाज में धार्मिक सौहार्द और एक-दूसरे के धर्म एवं त्योहारों के सम्मान की भावना को मजबूत करने वाला है।
संगीता दोहरे और आतिर रिजवी का कहना है कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता में एकता में है। यहां अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर खुशियां साझा करते हैं। ऐसे रिश्ते समाज को जोड़ने और आपसी विश्वास को मजबूत करने का काम करते हैं।
त्योहार किसी एक समाज का नहीं, खुशियां बांटने का अवसर
रक्षाबंधन के अवसर पर सामने आई यह तस्वीर यह संदेश देती है कि त्योहार आपसी प्रेम और खुशियां बांटने का माध्यम हैं। जब अलग-अलग समुदायों के लोग एक-दूसरे के पर्वों में शामिल होते हैं तो सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना और मजबूत होती है।
मेरठ में संगीता दोहरे और आतिर रिजवी के बीच वर्षों से कायम यह भाई-बहन का रिश्ता भी इसी सामाजिक सौहार्द की मिसाल है। दोनों के बीच धर्म से ऊपर उठकर कायम यह स्नेहपूर्ण रिश्ता समाज में आपसी सम्मान और सद्भाव का संदेश दे रहा है।
मेरठ से भाईचारे और सौहार्द का संदेश
रक्षाबंधन के अवसर पर संगीता दोहरे द्वारा आतिर रिजवी की कलाई पर राखी बांधने की यह पहल मेरठ से भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देती है। दोनों के बीच वर्षों से चला आ रहा यह रिश्ता बताता है कि प्रेम, विश्वास और सम्मान की भावना हो तो अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग भी एक मजबूत पारिवारिक रिश्ता कायम कर सकते हैं।
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर यह भाई-बहन का रिश्ता समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर सामने आया है—प्रेम रिश्तों को जोड़ता है और भाईचारा समाज को मजबूत बनाता है।