आनंदपुरी दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धा के साथ मनाया उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म
मेरठ। आनंदपुरी स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में दस लक्षण महापर्व के अंतर्गत उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान की आराधना की।
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्रीजी को पांडुक शिला पर विराजमान कर विधिवत अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के आध्यात्मिक महत्व को समझते हुए धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
श्रद्धालुओं ने किया शांतिधारा का आयोजन
मंदिर में शांतिधारा करने का सौभाग्य विभिन्न जैन परिवारों को प्राप्त हुआ। इनमें जैन नगर के श्री अरुण जैन एवं श्री अंशुल जैन, दशमेश नगर के श्री प्रभात जैन, श्री चैतन्य जैन एवं श्री ईशान जैन, आनंदपुरी के श्री निशांत जैन एवं श्रीमती रीता जैन तथा प्रेमपुरी के श्री अशोक जैन, श्री प्रियांक जैन एवं श्री आशीष जैन शामिल रहे।
इसके अलावा जैन नगर के रामेंद्र जैन, दीपक जैन, गीता जैन, आरती जैन, दिव्य जैन एवं पलक जैन, न्यू शंभू नगर के संजीव जैन एवं तरुण जैन तथा राजीव जैन एवं नमन जैन ने भी शांतिधारा में सहभागिता की।
कोयले वाले परिवार से देवपुरी निवासी लोकेश जैन, अर्पित जैन, अंकित जैन एवं आगम जैन ने भी शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया।
वासुपूज्य भगवान के निर्वाणोत्सव पर अर्पित किए निर्वाण लाडू
श्री 1008 वासुपूज्य भगवान के निर्वाणोत्सव के पावन अवसर पर मंदिर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ निर्वाण लाडू अर्पित किए गए। इस दौरान तरसचंद जैन एवं तरुण जैन, अग्रिम जैन (कोयले वाले), जैन नगर की ओर से 12 किलोग्राम का निर्वाण लाडू अर्पित किया गया।
इसके साथ ही श्रावकों द्वारा सवा-सवा किलोग्राम के 12 निर्वाण लाडू भी श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए। श्रावकों ने सामूहिक रूप से 51 किलोग्राम के छोटे निर्वाण लाडू भी भगवान को समर्पित किए।
विभिन्न पूजन एवं विधान हुए
धार्मिक आयोजन विधानाचार्य पंडित श्री नंदन शास्त्री जी, टीकमगढ़ के सान्निध्य में संपन्न हुआ। उनके मार्गदर्शन में दस लक्षण पर्व पूजा, सोलहकारण पूजा और पंचमेरु पूजा का आयोजन किया गया।
इसके अलावा श्री वासुपूज्य भगवान, श्री महावीर भगवान तथा देव-शास्त्र-गुरु की पूजन की गई। तत्त्वार्थ सूत्र विधान के अंतर्गत नौ महाअर्घ्य भी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ अर्पित किए गए।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर धार्मिक वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लेकर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
आरती के बाद कराया गया प्रतिक्रमण
सायंकाल श्रीजी की आरती का आयोजन किया गया। आरती के उपरांत पंडित नंदन शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं को प्रतिक्रमण कराया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधि-विधान के साथ इसमें सहभागिता की।
आयोजन में रहा विशेष सहयोग
धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सुनील जैन प्रवक्ता, प्रमोद जैन भट्टेवाले, तरसचंद जैन,अरुण जैन, शैलेंद्र जैन सूतवाले,प्रदीप जैन, अंकुर जैन, अभिषेक जैन, रचित जैन, तरुण जैन, आशीष जैन, सतेंद्र जैन एवं संजीव जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।
दस लक्षण महापर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के आदर्शों को जीवन में अपनाने और धार्मिक मूल्यों के अनुरूप आचरण करने का संकल्प लिया। आयोजन का समापन भक्तिभाव और धार्मिक वातावरण के बीच हुआ।