28 वे स्थापना दिवस पर आयोजित शिविर में रक्तदान करते लोग
मेरठ। उत्तर भारत के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में शामिल राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय का 28वां स्थापना दिवस सोमवार को उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में वृहद रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण अभियान, यज्ञ-हवन, भंडारा, केक कटिंग समारोह एवं काव्य संध्या सहित अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
विशेष बात यह रही कि वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि का जन्मदिन भी इसी दिन होने के कारण मेरठ एवं गजरौला दोनों परिसरों में शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया गया, केक काटकर जन्मदिन मनाया गया तथा रक्तदान और वृक्षारोपण जैसे सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, डॉ. मधु चतुर्वेदी, वित्त निदेशक सीए युवराज सिंह, कुलसचिव डॉ. पीयूष कुमार पाण्डेय, डीन मेडिकल प्रभु एम.एच., डॉ. शिशिर पाटिल एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने रक्तदान शिविर का फीता काटकर तथा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर आयोजित यज्ञ एवं हवन में देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विश्वविद्यालय परिसर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण भी किया गया। रक्तदान शिविर में शिक्षकों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए स्वैच्छिक रक्तदान किया।
‘शिक्षा का नन्हा पौधा आज वटवृक्ष बन चुका है’ : सुधीर गिरि
अपने संबोधन में संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने कहा कि लगभग ढाई दशक पहले भगवान वेंक्टेश्वरा के नाम पर शिक्षा का जो छोटा-सा पौधा लगाया गया था, वह आज विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के विश्वास के बल पर उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा का एक मजबूत ‘वटवृक्ष’ बन चुका है।
उन्होंने कहा कि वेंक्टेश्वरा समूह का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को नवाचार, शोध, अनुसंधान और संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से उत्कृष्ट करियर उपलब्ध कराना है। उन्होंने उन सभी अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए वेंक्टेश्वरा पर विश्वास जताया।
श्री गिरि ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में आधुनिक संसाधनों, नई तकनीकों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराएगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देश और संस्थान का नाम रोशन कर सकें।
देश का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का लक्ष्य : डॉ. राजीव त्यागी
प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक तकनीक और समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों के आधार पर वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय को देश का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध गतिविधियों के माध्यम से विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान स्थापित कर रहा है।
रक्तदान और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
स्थापना दिवस समारोह के दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लेकर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। वहीं वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश भी दिया गया।
इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
समारोह में प्रतिकुलपति डॉ. मानस रंजन, डॉ. विष्णु शर्मा, एडिशनल एमएस डॉ. अमित जैन, हॉस्पिटल जीएम मेघा सबरवाल, डॉ. बी.एस. त्यागी, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. राजवर्धन, डॉ. योगेश्वर शर्मा, डॉ. नीतू पंवार, नसीम अहमद, एचआर हेड कुलदीप, सीएफओ विकास भाटिया, दशमीत बग्गा, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. ऐना एरिक ब्राउन, डॉ. अश्विन सक्सेना, डॉ. ओमप्रकाश गोसाई, डॉ. एस.के. श्रीवास्तव, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. अनिल जायसवाल, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. आशिया वाहिद, डॉ. शिल्पा रैना, मारूफ चौधरी, डॉ. अरुण गोस्वामी, डॉ. अंजलि भारद्वाज, डॉ. विकास पाण्डेय, डॉ. सुमन, डॉ. स्नेहलता, मेरठ परिसर के निदेशक डॉ. पंकज चौधरी, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, चिकित्सक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थापना दिवस को सेवा, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के संदेश के साथ मनाते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार समाजोपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।