महिलाओं को नारी शक्ति संकल्प सम्मान प्रदान करते आयोजक
मेरठ। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय सनातन ट्रस्ट, मेरठ द्वारा जिला महिला चिकित्सालय में ‘नारी शक्ति संकल्प’ सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य परिवार नियोजन के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना तथा छोटे परिवार के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना था। समारोह का मुख्य संदेश “छोटा परिवार ही खुशियों की आधार पूंजी” रहा।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में परिवार नियोजन अपनाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए परिवार नियोजन को जनआंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है।
ट्रस्ट ने प्रस्तुत किया ‘खुशियों का विकल्प’ अभियान
अंतर्राष्ट्रीय सनातन ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. शुचि गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘खुशियों का विकल्प’ अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण नीतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रहा है तथा जमीनी स्तर पर लोगों को परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
उन्होंने कहा कि छोटा और सुनियोजित परिवार न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होता है, बल्कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की भी मजबूत नींव रखता है।
इन महिलाओं को मिला ‘नारी शक्ति संकल्प सम्मान’
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पदक से सम्मानित एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, मेरठ के उप संरक्षक सरबजीत सिंह कपूर, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मीनाक्षी सिंह तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने संयुक्त रूप से परिवार नियोजन का स्थायी साधन अपनाने वाली महिलाओं को ‘नारी शक्ति संकल्प सम्मान’ से सम्मानित किया।
सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं में श्रीमती अंशु गुप्ता, इरम, रन्बी, झुमनी एवं सहाना शामिल रहीं। अतिथियों ने सभी सम्मानित महिलाओं की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
जनसंख्या नियंत्रण सामाजिक जिम्मेदारी: सरबजीत सिंह कपूर
मुख्य अतिथि सरबजीत सिंह कपूर ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण केवल सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को परिवार नियोजन और नसबंदी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर वैज्ञानिक सोच अपनानी चाहिए। समाज में जागरूकता बढ़ेगी तो स्वस्थ और समृद्ध परिवारों का निर्माण होगा।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में परिवार नियोजन की महत्वपूर्ण भूमिका
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि परिवार नियोजन मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने और परिवार नियोजन को अपनाने की अपील की।
वहीं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने महिलाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है।
जिले में हजारों लोगों ने अपनाए परिवार नियोजन के साधन
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मीनाक्षी सिंह ने जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि स्थायी साधनों के तहत अब तक 5,513 महिलाओं एवं 110 पुरुषों ने परिवार नियोजन सेवाएं अपनाई हैं।
उन्होंने बताया कि अस्थायी साधनों के अंतर्गत 21,901 महिलाओं ने आईयूसीडी (IUCD) तथा 10,652 महिलाओं ने प्रसव उपरांत आईयूसीडी (PPIUCD) की सेवा का लाभ लिया है। इसके अतिरिक्त 34,970 महिलाओं को त्रैमासिक गर्भनिरोधक अंतरा इंजेक्शन लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि जिले में परिवार नियोजन के प्रति लोगों की जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
डॉ. योगिता करवल ने किया सफल संचालन
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन जिला महिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. योगिता करवल ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं लाभार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनजागरूकता के माध्यम से ही परिवार नियोजन के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर हरपाल सिंह (डीपीएम/डीसीपीएम, मेरठ) का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि “छोटा परिवार ही खुशहाल और समृद्ध जीवन की आधारशिला है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि परिवार नियोजन को केवल सरकारी योजना न मानकर अपने परिवार और समाज के उज्ज्वल भविष्य से जोड़कर देखें तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।