अनुष्का पाल हत्याकांड का आरोपी श्याम धानक पहले भी कर चुका है निर्मम हत्या, 18 साल पुराने मामले में मिली थी उम्रकैद
मेरठ। राष्ट्रीय महिला कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की ईंट से पीट-पीटकर हत्या के आरोपी श्याम धानक का आपराधिक इतिहास बेहद गंभीर रहा है। वर्ष 2008 में उसने 13 वर्षीय बालक सूरज की निर्मम हत्या की थी, जिसके लिए न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अप्रैल 2024 में वह जमानत पर जेल से बाहर आया और करीब दो वर्ष बाद एक और सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दे दिया। सोमवार को न्यायालय ने उसे फिर से जेल भेज दिया।
2008 में मिला था बालक का नग्न शव
31 मार्च 2008 की सुबह लालकुर्ती थाना पुलिस को पैंठ क्षेत्र में एक दुकान के सामने नग्न अवस्था में एक बालक का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से एक प्लास्टिक की रस्सी, सफेद पॉलीथीन शीट, तीन काली पैंट, नीले-काले रंग की टी-शर्ट, एक ट्यूबलाइट तथा खून से सना पीला कपड़ा बरामद किया गया था।
समाचार पत्रों में प्रकाशित फोटो के आधार पर रजिया नामक महिला ने शव की पहचान अपने 13 वर्षीय पुत्र सूरज के रूप में की थी। बरामद कपड़ों की भी पहचान कर ली गई थी।
पोस्टमार्टम में हुआ हत्या का खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सूरज के सिर के बाईं ओर हड्डी तक गहरा घाव पाया गया था। चोट इतनी गंभीर थी कि मस्तिष्क का हिस्सा बाहर निकल आया था। बाईं पार्श्विका हड्डी टूट गई थी और हेमाटोमा भी मिला था। चिकित्सकों ने मृत्यु का कारण सिर पर लगी गंभीर चोट के कारण कोमा में जाना बताया था।
अप्राकृतिक कृत्य के विरोध पर की थी हत्या
पुलिस ने 9 अप्रैल 2008 को श्याम धानक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि 30 मार्च की रात सूरज उसके घर टीवी देखने आया था। उस समय वह शराब के नशे में था। आरोप है कि उसने बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का प्रयास किया, जिसका सूरज ने विरोध किया। विरोध करने पर श्याम ने बेसबॉल बैट से उसके सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने कपड़ों से खून साफ किया, शव को सफेद पॉलीथीन में लपेटकर प्लास्टिक की रस्सी से बांधा और पहचान छिपाने के उद्देश्य से पैंठ क्षेत्र के नाले में फेंक दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गोविंद प्लाजा स्थित जय गंगा वाटर सॉल्यूशन के गोदाम से हत्या में प्रयुक्त बेसबॉल बैट और एक कंबल भी बरामद किया था।
अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद
श्याम धानक जय गंगा वाटर सॉल्यूशन में वाटर सप्लाई का कार्य करता था। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302, 201, 377 और 511 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में न्यायालय के समक्ष 11 गवाह पेश किए गए थे।
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 31 मार्च 2009 को न्यायालय ने श्याम धानक को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में उसने वर्ष 2018 में सजा के खिलाफ अपील दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने धारा 302 के तहत दी गई आजीवन कारावास की सजा तथा धारा 201 के तहत छह माह की सजा को बरकरार रखा, जबकि धारा 377 और 511 के आरोपों में पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया था।
अब राष्ट्रीय महिला कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की हत्या के मामले में श्याम धानक एक बार फिर कानून के शिकंजे में है और उसका आपराधिक इतिहास चर्चा का विषय बना हुआ है।
