पाकिस्तान से विस्थापित हिंदू परिवारों को बड़ा तोहफा, योगी सरकार दे रही जमीन का मालिकाना हक
लखनऊ/बिजनौर। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पाकिस्तान से विस्थापित होकर प्रदेश में बसे हिंदू परिवारों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ऐसे 1,645 हिंदू परिवारों को जमीन का वैधानिक मालिकाना हक देने का निर्णय लिया है, जो वर्षों से उत्तर प्रदेश में रह रहे थे लेकिन भूमि पर उनका कानूनी स्वामित्व दर्ज नहीं था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की है।
सरकार का मानना है कि लंबे समय से विस्थापन का जीवन जी रहे इन परिवारों को कानूनी अधिकार प्रदान करना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय दायित्व का विषय है। भूमि स्वामित्व मिलने के बाद ये परिवार अब अपनी जमीन के कानूनी मालिक बन सकेंगे, बैंक ऋण प्राप्त कर सकेंगे तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
क्या है योगी सरकार का बड़ा प्लान?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2025 में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) और पाकिस्तान से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बसे हजारों परिवारों की भूमि संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। सरकार ने ऐसे परिवारों को भूमि स्वामित्व दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसके अंतर्गत बिजनौर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर समेत कई जिलों में दशकों से लंबित मामलों का निस्तारण किया जा रहा है।
सरकारी योजना के अनुसार केवल 1,645 परिवार ही नहीं, बल्कि लगभग 10,000 से अधिक विस्थापित परिवारों के भूमि अधिकारों की भी चरणबद्ध तरीके से समीक्षा की जा रही है। जहां मूल भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा कानूनी अड़चनों को दूर करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
दशकों से कर रहे थे अधिकारों का इंतजार
इन परिवारों में अधिकांश वे लोग हैं जो कई दशक पहले धार्मिक उत्पीड़न, सामाजिक असुरक्षा और अन्य परिस्थितियों के कारण भारत आए थे। उन्हें आवास और कृषि भूमि तो आवंटित की गई थी, लेकिन विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक कारणों से भूमि का पूर्ण स्वामित्व नहीं मिल पाया था। परिणामस्वरूप वे जमीन पर रह तो रहे थे, लेकिन उसके कानूनी मालिक नहीं बन सके थे।
सरकार का दावा – सम्मान और सुरक्षा दोनों
योगी सरकार का कहना है कि भूमि अधिकार मिलने से इन परिवारों को न केवल आर्थिक सुरक्षा मिलेगी बल्कि सामाजिक सम्मान और स्थायित्व भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले भी कहा है कि कानून का उद्देश्य जनता को राहत देना है और दशकों से लंबित ऐसे मामलों का समाधान सरकार की प्राथमिकता है।
पूर्व सैनिकों को भी लाभ
बिजनौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1,645 विस्थापित हिंदू परिवारों के साथ-साथ 50 पूर्व सैनिकों को भी भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए गए। सरकार का कहना है कि जिन लोगों ने वर्षों तक देश की सेवा की है, उन्हें भी भूमि संबंधी अधिकारों का पूरा लाभ मिलना चाहिए।
प्रदेशभर में लागू हो सकता है मॉडल
सूत्रों के अनुसार बिजनौर में शुरू की गई यह व्यवस्था भविष्य में अन्य जिलों में भी लागू की जा सकती है, जहां विस्थापित परिवार वर्षों से भूमि स्वामित्व के मुद्दे का सामना कर रहे हैं। सरकार भूमि रिकॉर्डों के सत्यापन और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर ऐसे सभी पात्र परिवारों को अधिकार देने की दिशा में काम कर रही है।
