अभिजीत दीपके, कक्रोज जनता पार्टी के संस्थापक
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हजारों युवाओं, छात्रों, अभिभावकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों ने प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, जो अमेरिका से लौटने के बाद सीधे प्रदर्शन में शामिल हुए।
भारी पुलिस सुरक्षा के बीच हुए इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
क्या हैं CJP आंदोलन की 5 प्रमुख मांगें?
1. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नीट पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़े विवादों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। उनका आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय इन समस्याओं को रोकने में विफल रहा है, इसलिए इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
2. निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था
CJP की मांग है कि नीट, सीबीएसई, सीयूईटी, एसएससी समेत सभी प्रमुख परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियां लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं।
3. डिजिटल शिक्षा व्यवस्था में सुधार
प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों और छात्रों ने शिक्षा के तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त तैयारी, प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों के डिजिटल सिस्टम लागू करने से नई समस्याएं पैदा हो रही हैं। मांग की गई कि शिक्षकों को उचित प्रशिक्षण और तकनीकी व्यवस्था की जांच के बाद ही ऐसे सिस्टम लागू किए जाएं।
4. मणिपुर में सामान्य शिक्षा व्यवस्था बहाल हो
प्रदर्शन में मणिपुर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मणिपुर से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से जारी अशांति के कारण स्कूल और कॉलेजों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सामान्य बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
5. छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
आंदोलन में शामिल युवाओं ने छात्रों के बीच बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है, इसलिए सरकार को मानसिक स्वास्थ्य सहायता, काउंसलिंग और तनाव प्रबंधन के लिए प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।
जंतर-मंतर पर लगे नारे
प्रदर्शन के दौरान “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “मेक इन इंडिया नहीं, लीक इन इंडिया” और “छात्रों को न्याय दो” जैसे नारे सुनाई दिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह सिर्फ एक दिन का विरोध नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए शुरू किया गया लंबा आंदोलन है।
क्या बोले अभिजीत दीपके?
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आगे क्या?
प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है। यदि मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो CJP आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी कर रही है।