साहिल एवं मुस्कान (फाइल फोटो)
मेरठ। देशभर में चर्चित मेरठ के ब्लू ड्रम हत्याकांड में दोषी ठहराए गए मुस्कान और साहिल को अदालत 14 अक्टूबर को सजा सुनाएगी। सजा की तारीख करीब आने के बीच वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों ने हाल के दिनों में जेल के अन्य बंदियों से बातचीत बंद कर दी है और अब वे अलग-थलग दिखाई दे रहे हैं। उनके मुताबिक, इससे पहले दोनों अन्य बंदियों से बातचीत करते और उनके संपर्क में रहते थे।
अदालत ने मांगी जेल में काम और आचरण की जानकारी
जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि अदालत ने मुस्कान और साहिल के जेल में किए जाने वाले काम, उनके आचरण तथा अन्य बंदियों के साथ व्यवहार के बारे में जानकारी मांगी थी। जेल प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, साहिल खेती-बाड़ी का काम करता रहा है। मुस्कान अपनी बच्ची की देखभाल करती है और जेल में कोई काम नहीं करती। जेल प्रशासन ने दोनों के व्यवहार और अन्य बंदियों के साथ उनके संपर्क से जुड़ी जानकारी भी अदालत को भेजी है।
डॉक्टरों की समिति ने की दोनों से बातचीत
जेल अधीक्षक के अनुसार, अदालत ने दोनों की मानसिक स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में जेल प्रशासन ने बताया कि चार दिन पहले डॉक्टरों की एक समिति ने मुस्कान और साहिल से बातचीत की थी। समिति में मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. तरुण पाल, एक स्त्री रोग विशेषज्ञ और एक फिजिशियन शामिल थे। समिति के अध्यक्ष डॉ. अजीत चौधरी थे। जेल अधीक्षक के मुताबिक, डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में दोनों की मानसिक स्थिति सामान्य बताई और कोई चिंताजनक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं की।

मुस्कान से मिलने नहीं आया कोई, साहिल से परिजन मिले
जेल अधीक्षक ने बताया कि मुस्कान के जेल में बंद होने के बाद अब तक उससे मिलने कोई नहीं आया है। साहिल से उसकी नानी और भाई मुलाकात करते रहे हैं। पिछले सप्ताह भी दोनों ने उससे मुलाकात की थी।
पीड़ित परिवार ने उच्च अदालतों में जाने की बात कही
मृतक सौरभ राजपूत की मां और भाई ने कहा है कि यदि अदालत दोनों को मृत्युदंड नहीं देती है, तो वे फैसले को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उनका कहना है कि वे सौरभ को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
इस मामले में 19 सितंबर को आखिरी बहस हुई थी। इसके बाद 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार देते हुए 14 अक्टूबर को सजा सुनाने की तारीख तय की थी। फैसले को लेकर मृतक के परिवार के साथ-साथ जिले में भी लोगों की नजरें अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं।