पोलैंड की पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग के लिए हुए एमओयू के दौरान दोनों संस्थानों के प्रतिनिधि।
मेरठ, 30 अक्टूबर। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पोलैंड की पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज के साथ विश्वविद्यालय के प्रस्तावित सहयोग को यूरोपीय संघ की इरेस्मस+ KA171 परियोजना के तहत वित्तीय स्वीकृति मिली है। परियोजना में सीसीएसयू को अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थान के रूप में चुना गया है।
पोलैंड यात्रा के बाद मजबूत हुई सहयोग की पहल
पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज के आमंत्रण पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में सीसीएसयू के प्रतिनिधिमंडल ने पोलैंड का दौरा किया था। यात्रा के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने शैक्षणिक, शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। इसी क्रम में दोनों संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ था।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस यात्रा में बने अकादमिक संपर्क और आपसी सहमति के बाद इरेस्मस+ KA171 परियोजना में सीसीएसयू की भागीदारी को मंजूरी मिली है। इसे विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रयासों का अहम परिणाम माना जा रहा है।
परियोजना को मिले 100 में से 88 अंक
फरवरी 2026 में पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज की ओर से प्रस्तुत परियोजना को 100 में से 88 अंक मिले। विश्वविद्यालय के मुताबिक, कड़ी प्रतिस्पर्धा और सीमित बजट के बीच प्रस्तावित 240 मोबिलिटी में से केवल 34 को वित्तीय सहायता मिली है। इनमें सीसीएसयू के साथ शैक्षणिक सहयोग का चयन हुआ है।
यह परियोजना दो वर्षों तक संचालित होगी। इसके तहत पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज का एक शिक्षक सीसीएसयू आएगा और शिक्षण तथा शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेगा। पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, कृषि विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और भौतिक विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में विशेषज्ञ व्याख्यान, अकादमिक संवाद और शोध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
शिक्षकों और विद्यार्थियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय अनुभव
परियोजना से सीसीएसयू के शिक्षकों और विद्यार्थियों को यूरोपीय उच्च शिक्षा प्रणाली, आधुनिक शोध पद्धतियों और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक अनुभवों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। परियोजना के अगले चरण में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संस्थागत समझौते की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद शिक्षक के आगमन और शैक्षणिक कार्यक्रमों की तारीखें तय होंगी।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार, इरेस्मस+ जैसी परियोजनाएं विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर सीखने, शोध करने और अपने ज्ञान का विस्तार करने का अवसर देती हैं। विश्वविद्यालय प्रतिष्ठित विदेशी संस्थानों के साथ दीर्घकालिक शैक्षणिक संबंध विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
संयुक्त शोध और आदान-प्रदान की संभावनाएं
सीसीएसयू के निदेशक, शोध प्रो. बीर पाल सिंह ने कहा कि इरेस्मस+ KA171 परियोजना के तहत चयन अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विश्वविद्यालय में अनुसंधान और नवाचार की नई संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग समन्वयक प्रो. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज के साथ यह सहयोग विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण अभियान को गति देगा। भविष्य में इसे शिक्षकों और विद्यार्थियों के द्विपक्षीय आदान-प्रदान तथा संयुक्त शोध कार्यक्रमों तक विस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा।
पॉज़्नान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज की एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. अंशु रस्तोगी ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने बताया कि फरवरी 2027 में प्रस्तावित इरेस्मस+ आवेदन चक्र में दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के द्विपक्षीय शैक्षणिक आदान-प्रदान की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संयुक्त प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत करने की योजना है।