सीसीएसयू में मां दुर्गा के नौ स्वरूप पर आयोजित प्रदर्शनी
मेरठ। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की प्रेरणा और मार्गदर्शन में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान ने मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें मां स्कंदमाता की अर्चना के साथ मां दुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की उपनिदेशक प्रो. अलका तिवारी ने की। मदन मोहन विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या श्रीमती शर्मिष्ठा भाटी मुख्य अतिथि रहीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्रीमती सुधा मोहन, श्रीमती प्रीति शर्मा, श्रीमती आशा मिश्रा, श्रीमती हिमानी शर्मा और श्रीमती जयश्री उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद कलश पूजन हुआ। बालिकाओं ने भजन प्रस्तुत कर मां भगवती की वंदना की। पूजा-अर्चना और भजनों से कार्यक्रम स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कलाकृतियों में दिखाए दुर्गा के नौ स्वरूप
चित्र प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को उनकी विशिष्टताओं के साथ कैनवास पर उकेरा। कलाकृतियों के माध्यम से नारी शक्ति, महिला सशक्तीकरण और बालिकाओं की गरिमा का संदेश प्रस्तुत किया गया। चित्रों में वर्तमान समाज में नारी की स्थिति और उसके सम्मान से जुड़े विचारों को भी कलात्मक रूप दिया गया।

प्रो. अलका तिवारी ने कहा कि ललित कला संस्थान में नवरात्रि के अवसर पर भारतीय धर्म, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, नैतिक मूल्यों और संस्कारों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति और देवी के रूप में प्रतिष्ठा दी गई है, इसलिए नारी सम्मान केवल विचारों तक सीमित न रहकर व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने बालिकाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उनके अनुसार, कला समाज को दिशा देने और सामाजिक चेतना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। प्रदर्शनी के जरिए विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति की गरिमा और बालिकाओं के सम्मान का संदेश दिया।
छात्राओं को शिक्षा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा
मुख्य अतिथि श्रीमती शर्मिष्ठा भाटी ने विद्यार्थियों की कलाकृतियों की सराहना की। उन्होंने मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रशंसनीय बताया और बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने समाज में अपनी पहचान बनाने वाली सशक्त महिलाओं के उदाहरण देते हुए छात्राओं को शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और परिश्रम के बल पर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहन देना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से सकारात्मक संदेश देना रहा। विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ ने अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया और संचालन भी किया। डॉ. शालिनी धामा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अतिथियों, शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सुश्री दीपांजलि ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप कार्यक्रम स्थल की सजावट की, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
इस अवसर पर मदन मोहन विद्या मंदिर की शिक्षिकाओं, ललित कला संस्थान की शिक्षिकाओं और कर्मचारियों तथा विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के विद्यार्थी मौजूद रहे। मां भगवती की वंदना, भजनों और विद्यार्थियों की कलाकृतियों ने कार्यक्रम को भक्तिमय और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण बनाया।