सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित पत्र
नई दिल्ली। एक पत्र में दावा किया गया है कि “ऑपरेशन 37” नाम से भारत सरकार को अस्थिर करने की कथित साजिश चल रही है। पत्र में “डिवीजन, डायवर्जन और डिसरप्शन” को इस कथित अभियान के तरीके बताते हुए वोट चोरी, मीडिया प्रचार, जातीय और धार्मिक तनाव, आरक्षण, टैरिफ तथा किसान नेताओं के मुद्दों का उल्लेख किया गया है। इसमें यह भी दावा है कि सांसदों को तोड़कर सरकार गिराने की कोशिश की जा सकती है।
पत्र में अमेरिका, CIA और तथाकथित “डीप स्टेट” सहित कई देशों और समूहों पर भारत को कमजोर करने की मंशा का आरोप लगाया गया है। जगदीप धनखड़ के मामले को भी दावे के उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है। हालांकि, पत्र में इन आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज, जांच रिपोर्ट, आधिकारिक बयान या अन्य प्रमाण नहीं दिया गया है। उपलब्ध जानकारी में “ऑपरेशन 37”, 12 महीने की कथित समय-सीमा और सांसदों को तोड़ने की योजना से जुड़े इन विशिष्ट दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है।
संदेश में एकजुटता और जागरूकता की अपील
पत्र में लोगों से अफवाहों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने, देशहित के मुद्दों पर जागरूक रहने और अपने परिचितों तक संदेश पहुंचाने की अपील की गई है। इसमें भाजपा सरकार का समर्थन करने का आग्रह भी शामिल है। इस कारण पत्र को राजनीतिक अपील और अपुष्ट आरोपों वाले संदेश के रूप में देखना जरूरी है; इसके दावों को स्थापित तथ्य की तरह प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।
अलग संदर्भ में, दिसंबर 2024 में रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया था कि भाजपा ने अमेरिकी विदेश विभाग और “डीप स्टेट” के कुछ तत्वों पर भारत को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया था। यह अलग प्रकरण है और इससे इस पत्र में बताए गए “ऑपरेशन 37” या उसके विशिष्ट दावों की पुष्टि नहीं होती।