भीम आर्मी जिला अध्यक्ष चतर सिंह जाटव को हाउस अरेस्ट किया गया
मेरठ। भीम आर्मी के मेरठ जिलाध्यक्ष चतर सिंह जाटव ने आरोप लगाया है कि 8 जुलाई 2026 को उन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा उनके आवास पर ही होम अरेस्ट कर दिया गया, ताकि वह न्याय की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि अब पीड़ितों की आवाज उठाना भी पुलिस प्रशासन की नजर में अपराध बन गया है।
चतर सिंह जाटव ने जारी बयान में कहा कि वह समाज के पीड़ित और वंचित लोगों के साथ खड़े रहने का काम करते हैं। उनका आरोप है कि उन्हें बिना किसी वैधानिक कारण के घर से बाहर निकलने से रोका गया, जिससे वह प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके।
उन्होंने कहा, “आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि पीड़ितों के हक और न्याय की आवाज उठाना भी पुलिस प्रशासन की नजर में अपराध हो गया है। लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन प्रशासन इस अधिकार को भी सीमित करने का प्रयास कर रहा है।”
भीम आर्मी जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने दिया जाता तो वह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास करते। उनका कहना है कि “यदि मैं प्रदर्शन में मौजूद होता तो फरियादियों पर लाठीचार्ज या पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की अभद्रता नहीं होने देता। मेरा प्रयास रहता कि शांतिपूर्ण तरीके से लोगों की बात प्रशासन तक पहुंचे और किसी प्रकार का टकराव न हो।”
चतर सिंह जाटव ने प्रशासन से मांग की कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधियों में बाधा डालने के बजाय लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और न्याय की मांग कर रहे लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए।
उन्होंने कहा कि भीम आर्मी सामाजिक न्याय, समानता और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी तथा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी।