मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड से जुड़े किराए के मकान के गेट पर संगम के जल से शुद्धिकरण करतीं अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर और उनके समर्थक
मेरठ, 1 नवंबर 2026। मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड से जुड़े किराए के मकान के गेट पर रविवार को शुद्धिकरण किया गया। अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर अपने समर्थकों के साथ ब्रह्मपुरी स्थित मकान पर पहुंचीं। वहां मंत्रोच्चार के साथ संगम के जल से गेट धोया गया। कार्यकर्ताओं ने नारियल फोड़ा और धूप-बत्ती जलाकर पूजा की। यह वही मकान है जहां सौरभ राजपूत की हत्या हुई थी और उनके शव को नीले ड्रम में छिपाया गया था।
शुद्धिकरण के दौरान मीरा राठौर ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को जल्द फांसी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोनों को जेल में सरकार का मेहमान बनाकर रखा गया है। राठौर ने यह भी कहा, “मुझे जल्लाद बना दिया जाए तो मैं अपने हाथों से इन्हें फांसी दे दूंगी।” उन्होंने कहा कि समाज में सावित्री-सत्यवान जैसे रिश्तों का उदाहरण दिया जाता है, जबकि इस घटना ने रिश्ते को बदनाम किया है। ये टिप्पणियां मीरा राठौर के बयान हैं।

शुद्धिकरण के बाद राठौर अपने साथियों के साथ सौरभ की मां से मिलने उनके घर पहुंचीं और उन्हें अहोई अष्टमी का सामान दिया। किराए का मकान करीब 19 महीने तक बंद रहा था। हाल में पुलिस की मौजूदगी में इसे खोला गया। मकान मालिक ने भी दीपावली के बाद उस हिस्से की सफाई, रंगाई और धार्मिक अनुष्ठान कराने की बात कही थी।
2016 में हुई थी सौरभ और मुस्कान की शादी
सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी की शादी वर्ष 2016 में हुई थी। सौरभ मर्चेंट नेवी में काम कर चुके थे और बाद में लंदन में नौकरी कर रहे थे। फरवरी 2025 के अंत में वह मेरठ लौटे थे। इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान और साहिल शुक्ला ने मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची थी।
हत्या के बाद शव नीले ड्रम में छिपाने का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च 2025 को सौरभ को खाने में नशीला पदार्थ दिया गया। आरोप है कि उनके बेहोश होने के बाद चाकू से उनकी हत्या की गई। इसके बाद शव के टुकड़े करके सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिए गए। पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश गए थे। खबरों में बताया गया कि मुस्कान ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो भी पोस्ट किए, ताकि लोगों को लगे कि वे घूमने गए हैं।
मार्च 2025 में सौरभ के लापता होने और मकान से दुर्गंध आने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी मिली। तलाशी में नीले ड्रम से सौरभ के शव के अवशेष बरामद हुए। पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया। मई 2025 में पुलिस ने अदालत में करीब एक हजार पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया।

अदालत ने सुनाया मृत्युदंड, अपील पर 30 नवंबर को सुनवाई
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए। 30 सितंबर 2026 को मेरठ की जिला अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या और साक्ष्य मिटाने के अपराध में दोषी ठहराया। 14 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया। दोनों ने इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की है।
मीरा राठौर भी पहले रह चुकी हैं चर्चाओं में
मीरा राठौर अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष हैं। वह ताजमहल से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों और वहां पूजा की कोशिश को लेकर पहले भी खबरों में रही हैं। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उन्होंने मथुरा की अदालत में परिवाद दायर किया था।