मेरठ । मेरठ पुलिस विभाग में फर्जी चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का मामला सामने आया है। ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के बाद महिला कांस्टेबल द्वारा प्रस्तुत किए गए मेडिकल दस्तावेज जांच में फर्जी पाए जाने पर उसके खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला कांस्टेबल आरिफा बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित हो गई थीं। अनुपस्थिति को उचित ठहराने के लिए उनके द्वारा चिकित्सा प्रमाण पत्र एवं अन्य संबंधित दस्तावेज विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। विभागीय स्तर पर दस्तावेजों की सत्यता को लेकर संदेह होने पर उनकी जांच कराई गई।
जांच के दौरान प्रस्तुत चिकित्सा प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए। आरोप है कि इन दस्तावेजों का उपयोग गलत मंशा से किया गया, जिससे विभाग को गुमराह करने का प्रयास किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर दिवसाधिकारी उपनिरीक्षक अनिल कुमार, रिजर्व पुलिस लाइन मेरठ द्वारा थाना सिविल लाइन में लिखित तहरीर दी गई।
तहरीर के आधार पर थाना सिविल लाइन में दिनांक 17 जून 2026 को मु0अ0सं0 152/2026 के तहत धारा 318(4) एवं 336(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में महिला कांस्टेबल आरिफा के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है तथा प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
दर्ज अभियोग
- मु0अ0सं0 152/2026
- धारा 318(4) एवं 336(2) बीएनएस
अभियुक्ता
- महिला कांस्टेबल आरिफा
मेरठ पुलिस का कहना है कि सरकारी अभिलेखों, प्रमाण पत्रों अथवा अन्य दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की जालसाजी या कूटरचना को गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।संभावित SEO टाइटल:
मेरठ: फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाने पर महिला कांस्टेबल आरिफा के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जांच में दस्तावेज निकले फर्जी