पंडित सुनील भराला
पूर्व मंत्री ने मेरठ बार एसोसिएशन को भेजा पत्र, कहा- निजी कारणों से 21 सितंबर के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं हो सका, इसे असहमति न माना जाए
मेरठ । पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार पं. सुनील भराला ने अधिवक्ताओं के प्रयासों के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को न्याय प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, इसलिए इस क्षेत्र में उच्च न्यायालय की बेंच की स्थापना की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
मेरठ बार एसोसिएशन को भेजा पत्र
पं. सुनील भराला ने मेरठ बार एसोसिएशन को भेजे पत्र में कहा कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के पक्ष में सदैव रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर वह समय-समय पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखते रहे हैं और आगे भी इस दिशा में अपना सहयोग जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं और आम जनता की यह मांग न्याय की सुलभता से जुड़ी हुई है। क्षेत्र में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता कम होगी।
21 सितंबर के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होने पर दी सफाई
सुनील भराला ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि 21 सितंबर 2026 को निजी कारणों से वह मेरठ से बाहर थे। इसी वजह से वह अधिवक्ता बंधुओं के साथ प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि उनकी अनुपस्थिति को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग के प्रति किसी प्रकार की असहमति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर उनका समर्थन पहले भी था और आगे भी बना रहेगा।
भविष्य के आंदोलनों में अधिवक्ताओं के साथ रहने की बात
पं. सुनील भराला ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए अधिवक्ता समाज द्वारा भविष्य में किए जाने वाले प्रयासों में भी वह सहभागी रहेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधिवक्ताओं द्वारा इस मांग को लेकर किए जा रहे प्रयासों को उनका सहयोग जारी रहेगा। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को क्षेत्र की जनता के लिए न्याय की पहुंच से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
पश्चिमी यूपी की बड़ी आबादी का दिया हवाला
सुनील भराला ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की आबादी देश के कई राज्यों की आबादी से अधिक है। इसके बावजूद इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके कारण इस क्षेत्र के लोगों को न्यायिक मामलों के लिए अतिरिक्त दूरी और समय का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और बड़ी आबादी को देखते हुए यहां हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग लंबे समय से उठती रही है। उनके अनुसार, इस दिशा में अधिवक्ता समाज द्वारा किए जा रहे प्रयासों को व्यापक समर्थन की आवश्यकता है।
अधिवक्ता समाज के प्रयासों में सहयोग जारी रखने का आश्वासन
पूर्व मंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए अधिवक्ताओं द्वारा चलाए जा रहे प्रयास में उनका सहयोग आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 21 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल में शामिल न हो पाने को उनकी स्थिति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने एक बार फिर बेंच की स्थापना की मांग के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।