अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ 5 आरोपी गिरफ्तार
मेरठ, 26 अक्टूबर। भावनपुर और इंचौली पुलिस तथा स्वाट टीम देहात ने संयुक्त कार्रवाई कर इंचौली क्षेत्र की आशियाना कॉलोनी में कथित अवैध हथियार निर्माण की फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने और .315 बोर के छह बने तमंचे, 11 अधबने तमंचे, कारतूस तथा हथियार बनाने के उपकरण बरामद करने की जानकारी दी है।
पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लू-बक्सर मोड़ से आगे दो व्यक्ति अवैध तमंचों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों को पकड़ने का प्रयास किया तो उन्होंने कथित तौर पर तमंचों से पुलिस पार्टी पर फायरिंग की। पुलिस का कहना है कि इस दौरान पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए और टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद आशियाना कॉलोनी में दबिश
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलीमुद्दीन पुत्र रज्जाक और संतरपाल पुत्र बोदल सिंह के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, दोनों के कब्जे से .315 बोर के दो तमंचे, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर भावनपुर पुलिस, इंचौली पुलिस और स्वाट टीम देहात ने आशियाना कॉलोनी स्थित एक मकान पर दबिश दी।

पुलिस के मुताबिक, मकान के पिछले कमरे में हथियार बनाने का काम चल रहा था। वहां से मेहराजुद्दीन पुत्र मुंशी, सारून पुत्र इशाक और राशिद पुत्र मेहराजुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि ये लोग अवैध हथियार बनाकर आर्थिक लाभ के लिए उनकी बिक्री करते थे।
तमंचों के साथ हथियार बनाने के उपकरण बरामद
पुलिस ने कुल छह निर्मित तमंचे और 11 अर्धनिर्मित तमंचे बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त .315 बोर के चार जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और आठ नाल भी बरामद की गईं। हथियार बनाने के उपकरणों में हथौड़ियां और हैमर, स्प्रिंग, लोहे की ब्लेड, छेनी, प्लास, रॉड, फायरिंग पिन, लोहे की पत्तियां, ग्राइंडर मशीन, ड्रिल मशीन और अन्य कच्चा माल शामिल है।
पुलिस के अनुसार, संतरपाल की निशानदेही पर फैक्टरी तक पहुंचा गया। मामले में थाना भावनपुर में मुकदमा संख्या 403/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आयुध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की बात कही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में सलीमुद्दीन पुत्र रज्जाक, निवासी अहमदनगर बड़ला, थाना किला परीक्षितगढ़; संतरपाल पुत्र बोदल सिंह, निवासी ग्राम मुबारिकपुर, थाना भावनपुर; मेहराजुद्दीन पुत्र मुंशी, निवासी अहमदनगर बड़ला और हाल निवासी आशियाना कॉलोनी, थाना इंचौली; सारून पुत्र इशाक, निवासी ग्राम जई, थाना भावनपुर; तथा राशिद पुत्र मेहराजुद्दीन, निवासी अहमदनगर बड़ला और हाल निवासी आशियाना कॉलोनी, उर्स मैदान के पास, थाना इंचौली शामिल हैं।
कुछ आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, सारून के खिलाफ वर्ष 1992, 2005 और 2024 के मुकदमों सहित पहले के आपराधिक मामले दर्ज हैं। संतरपाल के खिलाफ वर्ष 2019 में आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। मेहराजुद्दीन के खिलाफ वर्ष 2021 में मारपीट से संबंधित मुकदमा दर्ज बताया गया है। सलीमुद्दीन और राशिद के संबंध में प्रेस नोट में इस मामले के मुकदमे का ही उल्लेख किया गया है। इन मामलों में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
संयुक्त पुलिस टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई में भावनपुर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रताप सिंह, भावनपुर और इंचौली थानों के उपनिरीक्षक व पुलिसकर्मी तथा स्वाट टीम देहात के सदस्य शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।