शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी
काराकास। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी है। बुधवार शाम महज 39 सेकंड के अंतराल पर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों ने राजधानी काराकास सहित कई राज्यों में भारी जान-माल का नुकसान पहुंचाया। अब तक 188 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हजारों लोगों के लापता होने की आशंका है और राहत एजेंसियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
भूकंप के बाद लगातार कई दर्जन झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। कई बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और बिजली तथा संचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं। सबसे अधिक नुकसान राजधानी काराकास और उसके आसपास के इलाकों में हुआ है, जहां बचाव दल दिन-रात मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश में जुटे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई प्रभावित क्षेत्रों तक राहत दलों की पहुंच अभी भी पूरी तरह नहीं हो सकी है। अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ है और चिकित्सा सुविधाओं पर जबरदस्त दबाव बना हुआ है। सरकार ने प्रभावित इलाकों में आपातकाल लागू कर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय मदद के लिए आगे आया
भीषण आपदा के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने वेनेजुएला की सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है। अमेरिका ने खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा सहायता, राहत सामग्री और मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि प्राथमिकता प्रभावित लोगों की जान बचाने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की है। इसके अलावा ब्राजील, मैक्सिको, कोलंबिया, स्पेन, इटली, फ्रांस, एल सल्वाडोर, कतर तथा संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी राहत सामग्री और बचाव दल भेजने का ऐलान किया है।
राहत और बचाव अभियान जारी
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। भारी मशीनों, खोजी कुत्तों और आधुनिक उपकरणों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आफ्टरशॉक्स का खतरा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।