शाहजहांपुर में आयोजित ‘मिठास मेले’ का फीता काटकर उद्घाटन करते गन्ना शोध परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद और विशिष्ट अतिथि अपर गन्ना आयुक्त विकास वी.के. शुक्ल।
शाहजहांपुर, 30 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर के परिसर में एक दिवसीय किसान मेला एवं कृषक-वैज्ञानिक विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। ‘मिठास मेले’ का उद्घाटन परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद ने किया। कार्यक्रम में अपर गन्ना आयुक्त विकास वी.के. शुक्ल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मेले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हजारों किसान पहुंचे।

कार्यक्रम में उप गन्ना आयुक्त, बरेली राजेश मिश्रा, उप गन्ना आयुक्त, लखनऊ आर.डी. द्विवेदी, संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाष सिंह, मुख्य विज्ञापन अधिकारी वी.के. गोयल, शाहजहांपुर, पीलीभीत, सीतापुर और हरदोई के जिला गन्ना अधिकारी तथा प्रगतिशील किसान कौशल मिश्रा मौजूद रहे। संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाष सिंह ने निदेशक अभिषेक आनंद का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
नई गन्ना किस्मों की मिनी सीड किट का वितरण
मेले में ऑनलाइन गेटवे के माध्यम से बुक की गईं को.शा. 23232 और को.शा. 19231 किस्मों की कुल 2,700 मिनी सीड किट किसानों को वितरित की गईं। परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि संस्थान नई गन्ना किस्मों के विकास पर लगातार काम कर रहा है। उनके अनुसार, किसानों को ऐसी किस्में उपलब्ध कराने का प्रयास है, जो कम लागत में अधिक उत्पादन दें, उनमें चीनी परता अधिक हो और वे कीट एवं रोगों के प्रति प्रतिरोधी हों।
अपर गन्ना आयुक्त विकास वी.के. शुक्ल ने कहा कि गन्ना शोध संस्थान हर साल मिठास मेले के माध्यम से किसानों तक गन्ना उत्पादन से जुड़ी नई जानकारी पहुंचाता है। उन्होंने मेले के आयोजन के लिए वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को बधाई दी।
शोध प्रदर्शनी और वैज्ञानिक संगोष्ठी
मेले में गन्ना शोध परिषद की विभिन्न शोध प्रदर्शनी, चीनी मिलों और कीटनाशक कंपनियों के स्टॉल लगाए गए। निदेशक अभिषेक आनंद ने प्रदर्शनी और स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर शरदकालीन ‘मिठास’ स्मारिका का विमोचन भी किया गया। सभाकक्ष में किसानों के सुझाव सुने गए और उनकी समस्याओं के समाधान पर चर्चा हुई।

कृषक-वैज्ञानिक विचार संगोष्ठी में डॉ. श्यामनाथ और डॉ. पी.के. कपिल ने संबंधित विषयों पर जानकारी दी। निदेशक ने कहा कि शोध संस्थान के टिशू कल्चर विभाग का विस्तार किया जाएगा, जिससे नई किस्मों के संवर्धन में तेजी लाई जा सके। उन्होंने किसानों से खेती के साथ बागवानी और पशुपालन को जोड़ते हुए एकीकृत खेती अपनाने का भी आह्वान किया।
गन्ना खेती में नवाचार करने वाले नौ किसान सम्मानित
गन्ना खेती में नवाचार और बेहतर कार्य के लिए मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर और देवरिया मंडलों के कुल नौ प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मानित किसानों में मेरठ मंडल से बुलंदशहर के राकेश सिरोही, सहारनपुर मंडल से मुजफ्फरनगर के तैमूर अली, मुरादाबाद मंडल से बिजनौर के यशवंत सिंह और बरेली मंडल से पीलीभीत के डॉ. हरमीत सिंह शामिल रहे।
इसके अलावा लखनऊ मंडल से खीरी के राम महेश अवस्थी, देवीपाटन मंडल से गोंडा के जयप्रकाश पांडेय, गोरखपुर मंडल से महाराजगंज के अभिषेक पांडेय और राजकुमार यादव तथा देवरिया मंडल से कुशीनगर के दीनानाथ कुशवाहा को सम्मानित किया गया।
गन्ना और स्टॉल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार
मेले में किसानों के बीच गन्ना प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें खीरी के धर्मपाल ने प्रथम, शाहजहांपुर के गौरव सिंह ने द्वितीय और खीरी के रामपाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
चीनी मिल समूह के स्टॉलों में डालमिया चीनी मिल, निगोही को प्रथम स्थान मिला। डीसीएम श्रीराम समूह के स्टॉल दूसरे और अवध शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड, रोजा के स्टॉल तीसरे स्थान पर रहे। कीटनाशक एवं अन्य समूह में एफएमसी लिमिटेड ने प्रथम, भवानी बीज भंडार ने द्वितीय और फैमिली फार्मर, मुरादाबाद ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन अरुण द्विवेदी ने किया। संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाषचंद्र सिंह ने अतिथियों, किसानों और आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार व्यक्त किया।