प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल की नाकामियों को छिपाने के लिए हिंदुओं पर कलंक मढ़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि जिस विकास दर को कांग्रेस ने कभी “हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ” कहा था, वास्तव में उसे “कांग्रेस रेट ऑफ ग्रोथ” कहा जाना चाहिए था।
भारत मंडपम में आयोजित एनडीए की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की जनता ने राजनीतिक स्थिरता के महत्व को समझा है और इसी विश्वास के कारण उन्हें लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की ताकत और जनता की परिपक्वता का प्रमाण बताया।
जनता के विश्वास से संभव हुआ नया इतिहास
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में देश में उम्मीद का जो नया सूरज उगा था, वह आज आत्मविश्वास और विकास की नई किरण में बदल चुका है। उन्होंने कहा कि देशवासियों ने पहली बार महसूस किया कि यदि सरकार की नीयत साफ हो और नेतृत्व निर्णायक हो, तो विकास की गति तेज हो सकती है और बड़े बदलाव संभव हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर उन्हें देश की जनता के भरोसे और समर्थन के कारण मिला है। यह किसी व्यक्ति विशेष की उपलब्धि नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सफलता और जनता के विश्वास का परिणाम है।
यूपीए सरकार पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यूपीए शासनकाल में देश को यह विश्वास दिला दिया गया था कि भारत में विकास की गति स्वाभाविक रूप से धीमी रहेगी और यही उसकी नियति है।
मोदी ने कहा कि उस दौर में विकास की धीमी रफ्तार को “हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ” जैसे शब्दों से परिभाषित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपनी नीतिगत विफलताओं और प्रशासनिक कमजोरियों की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय उसका ठीकरा हिंदू समाज पर फोड़ दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “असल में उसे हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ नहीं बल्कि कांग्रेस रेट ऑफ ग्रोथ कहा जाना चाहिए था, क्योंकि धीमी विकास दर के लिए कांग्रेस की नीतियां जिम्मेदार थीं।”
“एनडीए ने देश को कांग्रेस के कुचक्र से मुक्त कराया”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में एनडीए के सत्ता में आने के साथ ही देश को कांग्रेस की राजनीति और उसके प्रभाव से मुक्ति मिलने लगी। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों तक देश ने राजनीतिक अस्थिरता, गठबंधन की मजबूरियों और निर्णयहीनता का दौर देखा, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने निर्णायक फैसलों, पारदर्शी शासन और विकासोन्मुख नीतियों के जरिए देश को नई दिशा दी है। आज देशवासी स्थिर सरकार के लाभ को प्रत्यक्ष रूप से देख रहे हैं और उसका समर्थन कर रहे हैं।
जनता के भरोसे को और मजबूत किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में जनता का भरोसा टूट गया था, लेकिन एनडीए सरकार ने उस विश्वास को दोबारा स्थापित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि जनता ने एनडीए पर विश्वास जताया और गठबंधन के सभी दलों ने मिलकर उस भरोसे को और मजबूत किया है।
मोदी ने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि एनडीए परिवार और उसमें शामिल सभी सहयोगी दलों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की एकजुटता, सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्धता ने देशवासियों का विश्वास जीता है।
राजनीतिक स्थिरता को बताया विकास की कुंजी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राजनीतिक स्थिरता को विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि मजबूत और स्थिर सरकार ही बड़े फैसले ले सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने देखा है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो और सरकार की नीयत ईमानदार हो, तो विकास की रफ्तार बढ़ती है और गरीब, किसान, युवा तथा महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भी एनडीए सरकार “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी ।