मेडिकल कॉलेज मेरठ में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद चिकित्सालय के अधिकारी, संकाय सदस्य और कर्मचारी।
मेरठ। मेडिकल कॉलेज मेरठ में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर हुई। इस अवसर पर चिकित्सालय के अधिकारियों, संकाय सदस्यों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ तथा कर्मचारियों ने उनके योगदान को याद किया।
सरदार वल्लभभाई पटेल चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने कहा कि 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत की एकता और राजनीतिक एकीकरण में पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता, शांति और अखंडता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
चिकित्सालय के मुख्य अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के सामने रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने की बड़ी चुनौती थी। पटेल ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ, दृढ़ इच्छाशक्ति और कूटनीतिक कौशल से इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, 562 रियासतों के एकीकरण में विभिन्न परिस्थितियां सामने आईं; हैदराबाद के भारत में विलय के लिए पुलिस कार्रवाई भी करनी पड़ी।
उप-अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी सूझबूझ और दृढ़ संकल्प से अलग-अलग रियासतों को भारतीय संघ से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके इसी योगदान की स्मृति में हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। उन्होंने लोगों से देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्य, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ और कर्मचारी उपस्थित रहे।