90 वर्षीय महिला की की गई जटिल सर्जरी
मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के अधीन संचालित विम्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 90 वर्षीय महिला मरीज की जटिल लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी (पित्ताशय की सर्जरी) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। अत्यधिक आयु, गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं और हाई-रिस्क एनेस्थीसिया की स्थिति के बावजूद चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम ने इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफल बनाकर मरीज को नया जीवन प्रदान किया।
मरीज प्रेमवती लंबे समय से पित्ताशय की गंभीर बीमारी और असहनीय दर्द से पीड़ित थीं। उम्र संबंधी कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनकी स्थिति लगातार जटिल होती जा रही थी। परिजनों के अनुसार उन्होंने मेरठ और दिल्ली के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन अत्यधिक उम्र और ऑपरेशन के जोखिम को देखते हुए अधिकांश चिकित्सकों ने सर्जरी करने से इंकार कर दिया था।
11 जून को भर्ती, 12 जून को हुई सफल सर्जरी
गंभीर हालत में 11 जून को मरीज को विम्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों की विस्तृत समीक्षा के बाद सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। 12 जून को सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अभय भटनागर, वरिष्ठ लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अतुल अग्रवाल, डॉ. आशुतोष सांगा तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) विपिन कुमार सहित वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम ने इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
विशेषज्ञों के अनुसार मरीज की उम्र, शरीर के आंतरिक अंगों के डिस्फंक्शन और हाई-रिस्क एनेस्थीसिया की स्थिति को देखते हुए यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद आधुनिक तकनीक, चिकित्सकीय अनुभव और बेहतर मरीज देखभाल के कारण सर्जरी पूर्णतः सफल रही।
सर्जरी के बाद पूरी तरह स्वस्थ हुई मरीज
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और चिकित्सकीय निगरानी में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के पश्चात उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जटिल सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
चिकित्सकों की टीम को मिली सराहना
वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने इस सफलता पर सर्जरी विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि विम्स अस्पताल का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को सस्ती, सुलभ और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों और नवीनतम तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उत्तर भारत के मरीजों की पहली पसंद बन रहा विम्स
वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि आज लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सामान्य प्रक्रिया बन चुकी है, लेकिन 90 वर्षीय महिला मरीज की इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि देशभर से अनुभवी चिकित्सक विम्स से जुड़ रहे हैं तथा अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और उत्कृष्ट पेशेंट केयर के बल पर अस्पताल न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के मरीजों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में विम्स हॉस्पिटल को विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकें।
इन वरिष्ठ अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने दी बधाई
इस उल्लेखनीय सफलता पर वरिष्ठ कैंसर सर्जन पद्मश्री डॉ. रविकांत, कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्णकांत दवे, वित्त निदेशक सीए युवराज सिंह, हॉस्पिटल जीएम मेघा सबरवाल, डीन मेडिकल डॉ. प्रभु एम.एच., मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. शिशिर पाटिल, एडिशनल एमएस डॉ. अमित जैन, मेरठ परिसर निदेशक डॉ. पंकज चौधरी तथा मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने सर्जरी टीम को शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की।
चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसाल
90 वर्ष की आयु में इतनी जटिल सर्जरी का सफल होना न केवल चिकित्सकों की दक्षता का प्रमाण है, बल्कि यह आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता को भी दर्शाता है। विम्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल की यह उपलब्धि क्षेत्र के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई मिसाल के रूप में देखी जा रही है।