वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय, मेरठ
मेरठ। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय के औचक निरीक्षण में महिला थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी के प्रति सतर्कता और अभिलेखों की सुरक्षा की वास्तविक स्थिति परखने के लिए एसएसपी ने स्वयं महिला थाने पहुंचकर विशेष निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने पुलिस विभाग को भी चौंका दिया।
जानकारी के अनुसार, एसएसपी अविनाश पांडेय सुबह के समय ट्रैक सूट में भ्रमण पर निकले थे। इसी दौरान उन्होंने अचानक महिला थाने का निरीक्षण करने का निर्णय लिया। थाने पहुंचने पर उन्होंने पाया कि मुख्य गेट और थाना परिसर में कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से लचर दिखाई दी और किसी भी पुलिसकर्मी ने उनके प्रवेश पर ध्यान नहीं दिया।
कार्यालय में सोती मिली महिला सिपाही
एसएसपी जब थाना कार्यालय में पहुंचे तो वहां एक महिला सिपाही कुर्सी पर बैठी हुई सोती मिली। हैरानी की बात यह रही कि एसएसपी के कार्यालय में प्रवेश करने, वहां रखे दस्तावेजों का निरीक्षण करने और काफी समय तक मौजूद रहने के बावजूद किसी पुलिसकर्मी को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे थाना परिसर में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर निकल गए एसएसपी
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने थाना कार्यालय में रखा अपराध रजिस्टर (क्राइम रजिस्टर) अपने साथ ले लिया। यह किसी भी थाने का अत्यंत महत्वपूर्ण अभिलेख माना जाता है। इसके बावजूद थाना स्टाफ को यह पता तक नहीं चला कि रजिस्टर कार्यालय से गायब हो चुका है।
बाद में जब एसएसपी ने महिला थाना प्रभारी सीता सिंह को अपराध रजिस्टर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, तब पूरे थाने में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मी रजिस्टर की तलाश में जुट गए, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिला।
सीसीटीवी फुटेज से खुली पोल
रजिस्टर नहीं मिलने पर थाना पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज की जांच में सामने आया कि निरीक्षण के दौरान स्वयं एसएसपी अविनाश पांडेय ही रजिस्टर अपने साथ ले गए थे। इसके बाद पुलिसकर्मियों को अपनी चूक का एहसास हुआ।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि थाने में न केवल सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी, बल्कि महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों की निगरानी और जिम्मेदारी के निर्वहन में भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी।
क्या होता है क्राइम रजिस्टर?
पुलिस विभाग में क्राइम रजिस्टर को अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। इसे आमतौर पर चार नंबर रजिस्टर भी कहा जाता है। इसमें थाने में दर्ज सभी मुकदमों, अपराधों और उन पर की गई कार्रवाई का संक्षिप्त लेकिन पूर्ण विवरण दर्ज होता है। किसी भी थाने की अपराध संबंधी गतिविधियों और रिकॉर्ड प्रबंधन का यह प्रमुख दस्तावेज होता है।
19 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
महिला थाना पुलिस की कार्यशैली और ड्यूटी में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने महिला थाने में तैनात 19 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों का तबादला कर दिया। साथ ही उनकी जगह अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं।
एसएसपी ने दिया कड़ा संदेश
एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि थाना जनता की सुरक्षा और सहायता का केंद्र होता है। किसी भी समय कोई पीड़ित सहायता की उम्मीद लेकर थाने पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में ड्यूटी में लापरवाही, सुरक्षा व्यवस्था में कमी और जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाया जा सके।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में सतर्कता बढ़ गई है और अन्य थानों में भी सुरक्षा व्यवस्था एवं अभिलेखों के रखरखाव की समीक्षा शुरू कर दी गई है।