जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने किया जिला कारागार का आकस्मिक निरीक्षण
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सुविधाओं और व्यवस्थाओं का लिया जायजा; पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता देने तथा किशोरों के अधिकारों का ध्यान रखने के निर्देश
मेरठ । सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ ने मंगलवार को जिला कारागार और राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), मेरठ का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों संस्थानों में निरुद्ध बंदियों और किशोरों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
बंदियों से समस्याएं और विधिक सहायता की जानकारी ली
जिला कारागार के निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और विधिक सहायता की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह भी देखा कि बंदियों को नियमानुसार कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
किशोरों से संवाद कर सुविधाओं का निरीक्षण
राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में सचिव ने वहां रह रहे किशोरों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। भोजन, चिकित्सा, शिक्षा, आवासीय व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति की समीक्षा की गई। किशोरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताएं जानी गईं। संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुरूप जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारों और निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिकारियों से कहा कि निरुद्ध बंदियों और किशोरों के अधिकारों तथा उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शासन और विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से तय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।