नौचंदी मेले के पटेल मंडप में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ
मेरठ। नौचंदी मेले के पटेल मंडप में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरी महाराज और आचार्य राधाकृष्ण मनोडी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
दिल्ली से आए प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि शंभू शिखर ने अपनी चुटीली रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। वहीं कवि कमलेश शर्मा ने अन्याय के खिलाफ कलम की ताकत को अपनी कविता के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
गीतकार प्रोफेसर श्लेष गौतम ने राम और भरत के आदर्श संबंधों पर आधारित अपनी रचना सुनाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया। उनके शब्दों में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों की झलक साफ दिखाई दी।
हास्य कवि लटूरी लट्ठ ने अपने अंदाज में मंच संभाला और ऐसी रचनाएं सुनाईं कि पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
कवि लोकेश त्रिपाठी ने सामाजिक विसंगतियों और वर्तमान चुनौतियों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं, जबकि कवि विष्णु उपाध्याय ने बदलते पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मूल्यों पर कविता सुनाकर सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम की संयोजिका एवं कवयित्री तुषा शर्मा ने क्रांतिधरा मेरठ और देश के शहीदों को समर्पित अपनी ओजपूर्ण रचना सुनाई। उनकी देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा। कवयित्री साक्षी तिवारी ने भी अपनी भावपूर्ण कविताओं से दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, महापौर हरिकांत अहलूवालिया सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में कवियों और कवयित्रियों को सम्मानित किया गया।
नौचंदी मेले में आयोजित यह राष्ट्रीय कवि सम्मेलन साहित्य और संस्कृति का एक यादगार आयोजन साबित हुआ, जहां कविता के माध्यम से देशभक्ति, सामाजिक चेतना और हास्य का अनूठा संगम देखने को मिला।