एनसीआरटीसी स्टॉल का उद्घाटन करते केंद्रीय राज्य मंत्रीतोखन साहू
भुवनेश्वर। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने 23 अक्टूबर को ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) सम्मेलन एवं एक्सपो-2026 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के प्रदर्शनी स्टॉल का उद्घाटन किया। दो दिवसीय यह आयोजन 23 और 24 अक्टूबर को हो रहा है।
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, ओडिशा सरकार के आवासन एवं शहरी विकास तथा सार्वजनिक उद्यम मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्रा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह और अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। स्टॉल पर अतिथियों को भारत की पहली रीजनल रेल प्रणाली नमो भारत की आधुनिक सुविधाओं, यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई विशेषताओं और इससे क्षेत्र में आए बदलावों की जानकारी दी गई।
प्रदर्शनी में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की विकास यात्रा दिखाई गई है। 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 15 स्टेशन हैं। इसी बुनियादी ढांचे के साथ मेरठ मेट्रो सेवा को भी एकीकृत किया गया है। अक्टूबर 2023 में प्राथमिक खंड पर परिचालन शुरू होने के बाद नमो भारत इस कॉरिडोर पर तेज, सुरक्षित और आरामदायक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का माध्यम बना है। एनसीआरटीसी के अनुसार, अब तक इस कॉरिडोर पर 4.5 करोड़ से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं और प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा यात्रियों को इस सेवा का लाभ मिल रहा है।

स्टॉल के माध्यम से रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) मॉडल की संभावनाओं को भी प्रस्तुत किया गया। यह सेमी-हाई-स्पीड क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था कम ठहराव के साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज कनेक्टिविटी देने के लिए तैयार की गई है। एनसीआरटीसी के अनुसार, देश के प्रमुख क्षेत्रीय समूहों में लगभग 2,900 किलोमीटर लंबे संभावित नमो भारत कॉरिडोर की पहचान की गई है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी ऐसे कॉरिडोर को बड़े क्षेत्रीय समूहों में आर्थिक विकास के नए केंद्र विकसित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया है।
प्रदर्शनी में ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पर एनसीआरटीसी के काम और योजनाओं की झलक भी दिखाई गई। इस योजना के तहत परिवहन केंद्रों के आसपास सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देने और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को आवासीय, व्यावसायिक तथा मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्रों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य अच्छी कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों का विकास करना और किफायती आवास तक लोगों की पहुंच बेहतर बनाना है।
दुहाई नमो भारत स्टेशन और सराय काले खां के आसपास प्रस्तावित विकास योजनाओं के साथ हरनंदीपुरम और न्यू मेरठ में प्रस्तावित टीओडी टाउनशिप की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई। इन उदाहरणों के जरिए बताया गया कि परिवहन और भूमि उपयोग की योजना को साथ लेकर शहरी क्षेत्रों को अधिक सुलभ और टिकाऊ बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है।
भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और ओडिशा सरकार संयुक्त रूप से यूएमआई सम्मेलन एवं एक्सपो-2026 का आयोजन कर रहे हैं। इस वर्ष की थीम ‘डिजिटल युग में शहरी सुगमता और रहने योग्य शहर’ है। सम्मेलन में नीति-निर्माता, परिवहन प्राधिकरणों, उद्योग, तकनीकी क्षेत्र और विशेषज्ञों के प्रतिनिधि शहरी आवागमन को आसान बनाने, परिवहन सेवाओं को जोड़ने और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर चर्चा कर रहे हैं।
एनसीआरटीसी के स्टॉल पर इंटरैक्टिव मॉडल, दृश्य प्रस्तुतियों और विस्तृत जानकारी के जरिए नमो भारत की डिजाइन, तकनीक और यात्री सुविधाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। आगंतुकों को ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) तकनीकों का अनुभव भी कराया जा रहा है। एनसीआरटीसी के अनुसार, नमो भारत प्रणाली के विकास और रखरखाव में इन तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
एनसीआरटीसी ने प्रदर्शनी के माध्यम से यह भी रेखांकित किया कि परिवहन के विभिन्न साधनों का एकीकरण, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और टीओडी आधारित नियोजन शहरों तथा आसपास के क्षेत्रों में पहुंच और सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।