मेरठ। मेरठ के स्विंग किंग भुवनेश्वर कुमार एक बार फिर क्रिकेट जगत में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले भुवनेश्वर की प्रशंसा अब क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी की है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सचिन तेंदुलकर ने भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी का तकनीकी विश्लेषण करते हुए बताया कि आखिर क्यों आज भी दुनिया के बल्लेबाज उनकी गेंदों को समझने में संघर्ष करते हैं।
गौरतलब है कि अपने घरेलू क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों में भुवनेश्वर कुमार ने सचिन तेंदुलकर को शून्य पर आउट कर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। अब वर्षों बाद सचिन स्वयं उनकी गेंदबाजी की खूबियों पर चर्चा करते नजर आए।
मेरठ में जन्मे भुवनेश्वर कुमार अपनी शानदार इन-स्विंग और आउट-स्विंग गेंदों के लिए दुनिया भर में पहचान रखते हैं। वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में पांच विकेट लेने वाले इकलौते भारतीय गेंदबाज हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने 28 विकेट लेकर RCB की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
फाइनल मुकाबले में भी भुवनेश्वर ने दो अहम विकेट हासिल किए, जिनमें शानदार फॉर्म में चल रहे साई सुदर्शन का विकेट सबसे महत्वपूर्ण माना गया।
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि पहले भुवनेश्वर की गेंदबाजी में लंबा आउट-स्विंग और इन-स्विंग उनकी सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी, लेकिन अब उन्होंने अपनी गेंदबाजी में एक नया आयाम जोड़ लिया है।
सचिन ने कहा, “भुवनेश्वर बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। पहले उनकी गेंद में लंबा आउट-स्विंग या इन-स्विंग देखने को मिलता था, लेकिन इस सीजन उन्होंने एक अलग तरह की वेरिएशन विकसित की है। उन्होंने गेंद को जितना संभव हो सके सीधा रखने की कोशिश की है।”
उन्होंने आगे बताया कि पारंपरिक स्विंग गेंदबाजी में सीम और कलाई की स्थिति से बल्लेबाज को काफी संकेत मिल जाते हैं, लेकिन भुवनेश्वर इस सीजन वॉबली सीम का बेहतरीन उपयोग कर रहे हैं।
सचिन के अनुसार, “भुवी की सीम इस बार वॉबली सीम नजर आ रही है। ऐसी स्थिति में बल्लेबाज के लिए यह समझना बेहद मुश्किल हो जाता है कि गेंद पिच पर गिरने के बाद बाहर जाएगी, अंदर आएगी या सीधी रहेगी। यही उनकी सफलता का बड़ा कारण है।”
उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर की लाइन और लेंथ भी बेहद सटीक रही है। वह लगातार ऑफ स्टंप और चौथे स्टंप की लाइन पर गेंदबाजी कर रहे हैं। वॉबली सीम के कारण गेंद का व्यवहार हर बार अलग होता है, जिससे बल्लेबाजों के लिए उसे पढ़ पाना कठिन हो जाता है।
सचिन ने आगे कहा, “उनकी गेंदबाजी में अब बल्लेबाजों को कलाई से बहुत कम संकेत मिलते हैं। यही वजह है कि उन्हें समझना पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो गया है। मुझे लगता है कि इस सीजन उनकी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र यही रहा है। उन्होंने बेहद शानदार गेंदबाजी की है।”
वहीं, क्रिकेट विश्लेषक जॉय भट्टाचार्य ने भी उत्तर प्रदेश की क्रिकेट परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मेरठ और लखनऊ देश के प्रमुख क्रिकेट केंद्र रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ लगातार तेज गेंदबाज तैयार करता रहा है और भुवनेश्वर कुमार इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं।
आईपीएल फाइनल के बाद से भुवनेश्वर कुमार सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। क्रिकेट प्रशंसक उनकी स्विंग, सटीकता और अनुभव की जमकर सराहना कर रहे हैं। RCB की लगातार दूसरी ट्रॉफी जीत के बाद मेरठ का यह स्टार गेंदबाज एक बार फिर भारतीय क्रिकेट की चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।
